बिजनौर। एडीजे सुनील कुमार ने प्राणघातक चोट पहुंचाने के आरोपी युवक शीतल को चार वर्ष के कारावास और आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता इसरार अली के अनुसार 31 अगस्त 2014 को थाना शेरकोट के गांव मिर्जापुर निवासी पुष्पा देवी और उसका पुत्र अभिषेक अपने घर पर थे। करीब साढ़े 12 बजे दोपहर में पुष्पा देवी के मोबाइल पर फोन आया, जो उसके पुत्र अभिषेक ने सुना। अभिषेक ने बताया कि गांव का ही शीतल उसे बुला रहा है। यह कहकर वहघर से चला गया। करीब ढाई बजे पुष्पा देवी को सूचना मिली कि अभिषेक गांव के ही माध्यमिक विद्यालय के सरकारी नल के पास पड़ा है। अभिषेक को घर लाया गया तो उसके मुंह से झाग निकल रहे थे। उसे धामपुर अस्पताल भर्ती कराया गया था। शीतल ने कार्रवाई करने पर पुष्पा देवी के पुत्र रजत को भी जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने जांच में पाया कि घटना को शीतल ने अंजाम दिया था। शीतल ने ही अभिषेक के सिर में चाकू से चोट पहुंचाई थी। कोर्ट ने शीतल को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।