नगीना (बिजनौर)। पेशी पर आए एक बंदी ने पुलिस अभिरक्षा से फरार होने का प्रयास किया। गनीमत रही कि पुलिस ने दौड़कर उसे मुंसफी कोर्ट के गेट पर ही दबोच लिया। इस घटना से काफी देर तक हड़कंप मचा रहा।
नगीना के मोहल्ला नालबदान निवासी वकील अहमद एक युवक पर उस्तरे से जान लेवा हमला करने के मामले में पिछले तीन माह से जिला कारागार में बंद हैं।
बुधवार को जिला कारागार से दरोगा यशवीर सिंह, पुलिस कर्मी अरविंद कुमार व खालिद अहमद अन्य बंदियों के साथ वकील अहमद को नगीना मुंसफी पेशी पर लाए थे। पेशी के बाद पुलिस कर्मी अरविंद व खालिद बंदियों को वाहन में बैठा रहे थे। इस दौरान वकील अहमद उन्हें चकमा देकर भाग निकला। यह देख पुलिस कर्मियों के हाथ पांव फूल गए। उन्होंने बंदी का पीछा किया व मुंसफी कोर्ट के गेट पर ही वकील अहमद को दबोच लिया। इस घटना से काफी देर तक हड़कंप मचा रहा। दरोगा यशवीर ने घटना की जानकारी अफसरों को दी। पुलिस कडी सुरक्षा में वकील अहमद को लेकर जिला कारागार पहुंची। पुलिस मान रही है कि वकील अहमद ने पहले से ही पुलिस अभिरक्षा से भागने का प्लान बना लिया था। इसके लिए उसने पेशी का वक्त चुना था। पुलिस की वकील पर कड़ी नजर थी। बंदी वकील को पकड़ने के बाद पुलिस ने भारी राहत ली है। सीओ नगीना महेश चंद के मुताबिक उन्हें इस घटना की जानकारी नही है। वह इसका पता करा रहे हैं।