बिजनौर में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चले प्रशासन के डंडे से शराब की 73 दुकानें पूरी तरह बंद हो गई हैं। इनके बंद होने से एक हफ्ते में आबकारी विभाग को करोड़ों का नुकसान हुआ हैं। विभाग ने बची 28 में से आठ दुकानों को दूसरी जगह शिफ्ट करा दिया है। 20 दुकानों को शिफ्ट कराने में कड़ी मशक्कत के बाद भी कामयाबी नहीं मिल रही है। आबकारी विभाग के अफसरोें के मुताबिक, अगर शराब की 73 दुकानें एक साल तक बंद रहीं तो विभाग को 121 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ेगा।
जिले की शराब व बीयर की 353 दुकानों में से 73 के मालिकों ने दूसरी जगह शिफ्ट होने से इनकार कर लाइसेंस सरेंडर कर दिए। 108 दुकानें शिफ्ट होनी थीं। आबकारी विभाग के अफसरों ने रात-दिन एक करके 80 को शिफ्ट करा दिया। बाकी 28 में से आठ दुकानों को भी जैसे-तैसे दूसरी जगह भेज दिया गया है, लेकिन बाकी 20 दुकानों को लेकर समस्या बनी हुई है।
अफसरों को इन दुकानों को शिफ्ट कराने के लिए जगह नहीं मिल रही हैं। इन दुकानों के बंद होने से विभाग को भारी नुकसान भुगतना पड़ रहा हैं। अफसरों की मानें तो 73 दुकानें बंद होने से एक हफ्ते में सप्ताह के भीतर 2.35 करोड़ का नुकसान हुआ है। जिला आबकारी अधिकारी जनार्दन यादव के मुताबिक, 20 दुकानें शिफ्फ्ट नहीं होने से नुकसान बढ़ रहा है। अधिकारी इन्हें दूसरी जगह खुलवाने के प्रयास में लगे हैं।
वहीं चांदपुर में सुप्रीम कोर्ट के हाईवे से 500 मीटर के दायरे में आ रही शराब की दुकानों को स्थानांतरित करने के आदेश के बाद धनौरा रोड पर गुरुद्वारे के पास स्थित शराब व बीयर की दुकान को कुछ दूरी पर ही स्थानांतरित कर दिया गया था। दुकान पूर्व के स्थान से कुछ ही दूरी पर स्थानांतरित की दी गई थी। शराब की दुकान के पास गुरुद्वारे, मंदिर, मस्जिद व बस्ती स्थित हैं। इस रास्ते से छात्राएं भी गुजरती हैं। शुक्रवार को मोहल्ले की महिलाओं का आक्रोश बढ़ गया। महिलाओं ने शराब की दुकान पर इकट्ठा होकर दुकान हटाए जाने की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया। महिलाएं किसी भी परिस्थिति में दुकान को यहां चलाने देेने को तैयार नहीं थी। महिलाओं का कहना है कि पुरुष शराब पीकर घर में उत्पात मचाते हैं। जिसका बच्चों पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने भी महिलाओं को समझाया। महिलाओं ने पुलिस से शराब की दुकान हटाने की मांग की। महिलाओं में संतोष, पूनम, जावित्री, शारदा, बाला, गुड्डी, दीपा, उषा, रज्जो, लक्ष्मी, गीता, चंद्रो, छोटी, दीपमाला आदि मौजूद रहीं