बिजनौर। डीआरडीए के परियोजना निदेशक को जांच में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के पैसे का बंदरबांट का मामला मिला है। जलीलपुर ब्लॉक के दो प्रधान प्रधानमंत्री आवास योजना में करीब 16 लाख रुपये डकार गए। प्रधानों ने नियमों को ताक पर रखकर अपात्र होते हुए अपने पति व पत्नी के नामों का चयन करके पैसा ले लिया। जांच में 25 लाभार्थी अपात्र मिले हैं। दोनों ग्राम प्रधानों के खिलाफ पुलिस में धोखाधड़ी की रिपोर्ट कराई गई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में बंदरबांट होने का मामला जलीलपुर ब्लॉक का है। ग्राम पंचायत सब्दलपुर तेली में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अपात्र लाभार्थियों का चयन व पैसे की हेराफेरी करने की शिकायत डीएम को गांव के अब्दुल रहमान ने द्वारा की थी। मामले की जांच डीआरडीए के परियोजना निदेशक विजय प्रकाश श्रीवास्तव को सौंपी गई थी। जांच में सामने आया कि गांव में पीएम आवास योजना में कुल 29 आवासों का आवंटन हुआ था। परियोजना निदेशक के अनुसार जांच में सामने आया कि ग्राम प्रधान शहनाज ने आपने पति मोहम्मद अंसार ससुर बाबू खां व चचेरा ससुर मोहम्मद अली का आवास योजना में चयन अपात्र होने के बावजूद कर लिया था। तीनों को ग्राम प्रधान सचिव से सांठगांठ करके आवास निर्माण की पहली किश्त की धनराशि देदी गई थी। इसके अतिरिक्त 19 ग्रामीणों का चयन योजना में अपात्र पाया गया है। प्रधान ने आवासों के लिए आवंटित 12 लाख 80 हजार रुपये ग्राम प्रधान सचिव संजीव कुमार, सहायक विकास अधिकारी कृषि देवराज सिंह व तत्कालीन सैक्टर प्रभारी सत्यपाल सिंह से हमसाज होकर डकार लिए।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत दत्तियाना में पीएम आवास योजना के अंतर्गत 24 लाभार्थियों के आवासों के लिए चयन हुआ था। जांच में छह लाभार्थी अपात्र मिले । प्रधान करन सिंह ने अपनी पत्नी भगवतिया समेत छह ग्रामीणों का योजना में चयन कर आवास दिलवा दिया। प्रधान ने ग्राम विकास अधिकारी राकेश तथा वर्तमान ग्राम पंचायत अधिकारी नईम अहमद , एडीओ पंचायत सत्यपाल सिंह व पटल सहायक जयराम सिंह से साठगांठ करके तीन लाख 80 हजार रुपये हड़प लिए।
प्रधानों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज
परियोजना निदेशक ने प्रधानमंत्री आवास योजना का करीब 16 लाख रुपये हड़पने के लिए सब्दलपुर तेली के प्रधान शहनाज , प्रधान पति मोहम्म्द अंसार समेत 19 ग्रामीणों व दत्तियाना में ग्राम प्रधान करन सिंह समेत छह लोगों को प्रथम दृष्टा दोषी पाया है। पीडी विजयप्रकाश श्रीवास्तव ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति
पीडी विजय प्रकाश श्रीवास्तव के अनुसार शासनादेशों के अनुसार विभाग कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर तभी हो सकती है जबकि वे विभागीय जांच में दोषी मिले, इसलिए दोनों मामलों में जलीलपुर ब्लॉक के ग्राम विकास अधिकारी राकेश कुमार जो वर्तमान में नजीबाबाद ब्लाक में तैनात है, ग्राम पंचायत अधिकारी नईम अहमद, एडीओ पंचायत सत्यपाल सिंह, ग्राम विकास अधिकारी संजीव कुमार, एडीओ कृषि देवराज सिंह, सेक्टर प्रभारी सत्यपाल सिंह के खिलाफ विभागीय जांच की संस्तुति कर गई है।
पहले भी डकारे गए हैं लाखों रुपये
बिजनौर। ग्राम पंचायतों में विकास योजनाओं में आए धन को हड़पने का यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले नजीबाबाद ब्लॉक में लाखों रुपये डकारने का मामला सीडीओ ने पकड़ा था। मामले की पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।