अफजलगढ़। इस्लामनगर कालागढ़ में अंग्रेजी शराब की दुकान की लाटरी में पर्ची निकलने के बाद भी 3 दिन के भीतर लाइसेंस फीस आबकारी विभाग ने जमा नहीं की। जिस कारण दुकान का आवंटन अभी पेंडिंग में पड़ा है। इस्लामनगर कालागढ़ अंग्रेजी शराब की दुकान के लिए पांच मार्च को ऑनलाइन फार्म भरे गये थे। इस दुकान के लिए दो ही आवेदन डाले गए थे। सात मार्च को पर्ची के माध्यम से निर्णय किया जाना था। आवेदन हेमराज सिंह व अनीता कर्णवाल ने किया था। जो नियत समय पर हेमराज सिंह की पर्ची निकली, जिसमें हेमराज सिंह को नियमानुसार तीन दिन के भीतर लाइसेंस की फीस जमा करनी थी। किंतु लगभग 20 दिन बीतने के पश्चात भी हेमराज सिंह ने फीस जमा नहीं की, जबकि इसी बीच 26 मार्च को पुन: शराब की दुकान के लिए आबकारी विभाग ने समाचार पत्रों में टेंडर निकाला। लेकिन विभाग ने उक्त दुकान की लाइसेंस धनराशि जमा न होने के बाद भी टेंडर प्रकाशित नहीं कराया, न ही विभाग ने दूसरे पक्ष की अनीता देवी को ही लाइसेंस फीस जमा करने के लिए आमंत्रित किया। जिसमें विभाग की कहीं न कहीं मिलीभगत नजर आ रही है। साथ ही दूसरे पक्ष की अनीता कर्णवाल के जानकारी करने पर उन्हें बताया जा रहा है कि प्रथम पक्ष की डीडी खोई गई है, जबकि अनीता कर्णवाल ने एतराज जताया कि यदि ऐसा था तो पुरानी डीडी कैंसल कराकर दोबारा बनवाई जा सकती है। उन्होंने आबकारी विभाग पर पारदर्शिता न बरतने व दूसरे पक्ष को लाभ पहुंचाने के लिए समय दिये जाने की बात कही है। उन्होंने संबंधित विभाग व डीएम से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। वहीं इस संबंध में आबकारी विभाग के डीओ राजेंद्र सिंह का कहना है कि लाइसेंस फीस के लिए समय टेंडर में दिया जाता है। इसके अलावा यदि छुट्टी पड़ जाती है तो उसे कार्य दिवस से माना जाता है। जांच कर मामले में कार्रवाई की जाएगी।