मंडावर (बिजनौर)। पुलिस ने ग्रामीणों के बैंक में खाते खुलवाकर लाटरी के नाम पर उसमें रुपये डालकर निकालने वाले गैंग के दो सदस्यों को दबोचा हैं। गैंग का सरगना समेत दो सदस्य फरार हैं।
मंडावर थाने के गांव छकड़ा निवासी अनिल कुमार ने एसपी के निर्देश पर मंडावर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव में तीन चार लोग पिछले दिनों आए थे। उन्होंने सुनील समेत 22 ग्रामीणों को 2500-2500 रुपये देकर बैंक में नेटवर्किंग के नाम पर उनके खाते खुलवाए थे। ग्रामीणों के एटीएम कार्ड, बैंक की पास बुक व अन्य सामान ये लोग अपने साथ ले गए थे। अनिल के नहीं मिलने पर उनके कागज नहीं ले जा सके थे। अनिल के खाते में पिछले दो माह के भीतर उन लोगों ने करीब 40 लाख रुपये डालकर निकाल लिए। लोगों को लाटरी का लालच देकर गैंग रुपये ग्रामीणों के खाते में उनसे डलवाकर निकालता था। ग्रामीणों के एटीएम से ये रुपये निकाले जा रहे थे। इसका पता जब अनिल को चला तो उसने शिकायत एसपी प्रभाकर चौधरी से की।
इसके बाद बैंक अफसरों से ग्रामीणों के खातों से रुपये निकालने पर रोक लगा दी। खातों में रुपये डाले तो जाते रहे पर निकाले नहीं गए। बृहस्पतिवार को गैंग के दो सदस्य मंडावर थाने के गांव रतनपुर निवासी जगत सिंह व गांव मोहिददीनपुर निवासी नाजिर को अनिल ने बृहस्पतिवार को पहचान लिया। पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। पकड़े गए गैंग के दोनों सदस्यों ने पुलिस को बताया कि गांव मोहिद्दीनपुर निवासी दिलशाद गैंग का सरगना है। उसके कहने पर ही वह यह काम कर रहे थे। इसके बदले उन्हें 15 हजार रुपये महीना वेतन पांच सौ रुपये एक खाता खुलवाने पर मिलते थे। गैंग का एक सदस्य गांव रतनपुर निवासी गजेंद्र व दिलशाद फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हैं। पकड़े गए गैंग के दोनों सदस्यों ने पुलिस को बताया कि बड़ा गैंग मेरठ के आसपास सक्रिय था। गैंग के 13 सदस्यों को पकड़कर पुलिस जेल भेज चुकी हैं।