नूरपुर। पुलिस ने एक माह पूर्व हुई गांव पाढली मांढू निवासी प्रदीप की हत्या का खुलासा कर दिया है। प्रदीप की हत्या उसके गांव के ही दो युवकों ने रंजिश के चलते की थी। पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर उनका चालान कर दिया है।
गांव पाढ़ली मांढू निवासी प्रदीप उर्फ रिंकू का शव एक अक्तूबर को गांव ऊमरी के पास नहर में पड़ा मिला था। इस मामले में मृतक के भाई जितेंद्र की ओर से उसकी पत्नी दीपा और साले सचिन व अमित के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी ने इस मामले का सही खुलासा करने के निर्देश दिए थे। सोमवार को थाना प्रभारी सतेंद्र कुमार ने बताया कि सर्विलांस एवं सूचना के आधार पर गांव पाढली मांढू निवासी सौरभ उर्फ टोनी एवं रोहित को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने हत्या करने की बात कबूल कर ली। प्रभारी निरीक्षक के अनुसार प्रदीप की हत्या से तीन दिन पूर्व उसके दोस्त सौरभ से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसी बात को लेकर सौरभ प्रदीप से रंजिश रखता था। घटना के दिन 28 सितंबर को प्रदीप बाइक से नूरपुर आया था। वहां उसने स्योहारा रोड पर शराब पी। इस दौरान सौरभ और रोहित भी वहां पहुंच गए। सौरभ ने तीन दिन पूर्व हुए झगड़े के लिए प्रदीप से माफी मांगते हुए उसे अपने साथ शराब पिलाई। बाद में तीनों अलग-अलग बाइक पर सवार होकर घर के लिए चल दिए। गांव ऊमरी के पास उन्होंने प्रदीप को रोक लिया और पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को कुछ दूरी पर नहर में डाल दिया और बाइक को वहां से दूर खड़ा कर फरार हो गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों का चालान कर दिया है।
प्रदीप का पत्नी से चल रहा था विवाद
मृतक प्रदीप का अपनी पत्नी दीपा से झगड़ा चल रहा था। उसकी पत्नी कई माह से अपने मायके शेरकोट में रह रही थी। दीपा ने प्रदीप के विरुद्ध बिजनौर में वाद भी दायर कर रखा था। इसी बात को लेकर मृतक के परिजनों का शक प्रदीप के ससुराल वालों पर था। मृतक के भाई ने उसकी पत्नी व सालों के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। ससुराल वालों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज होने के बाद हत्या करने वाले सौरभ और रोहित निश्चित हो गए थे, लेकिन एसपी के आदेश पर पुलिस ने इस मामले की गहनता से जांच की तो मामला कुछ और ही निकला। पुलिस द्वारा की गई निष्पक्ष जांच में पत्नी और उसके भाई बेकसूर निकले।