दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी निरस्त
बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अल्ला रक्खे खां ने दुष्कर्म के आरोपी मुज्जकिर की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। डीजीसी वरुण राजपूत के अनुसार थाना कोतवाली शहर के एक गांव निवासी महिला ने आरोप लगाया था कि वह 22 फरवरी 2019 को अपने घर पर अकेली थी। गांव बादशाहपुर टीकम निवासी मुज्जकिर व उसके भाई मुशर्रफ उसके घर पर आए। मुज्जकिर ने उससे छेड़छाड़ की। विरोध करने पर उससे मारपीट करते हुए बलात्कार किया। कोर्ट ने बलात्कार को गंभीर आरोप बताते हुए मुज्जकिर की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। जिला जज ने जानलेवा हमले के आरोपी दो भाईयों दीपक व पिंटू की जमानत याचिका भी निरस्त कर दी है। थाना कोतवाली शहर में बाबूराम द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया था कि प्रीतम डीजे का काम करता है। वह 20 मार्च 2019 को डीजे बजा रहा था। तब गुड़ियापुर निवासी दीपक, उसके भाई पिंटू ने प्रीतम के साथ मारपीट की व उस पर फायर किया। गोली लगने से प्रीतम की बाईं आंख बुरी तरह फट गई। उसे इलाज के लिए मेरठ ले जाया गया।