पूरनपुर नंगला में इमाम की हत्या
नूरपुर (बिजनौर)। गांव पूरनपुर नंगला में शुक्रवार की रात मस्जिद के इमाम की किसी ने गला दबाकर एवं सिर पर भारी चीज से प्रहार कर निर्मम हत्या कर दी। इमाम की हत्या की सूचना पर मौके पर भारी भीड़ एकत्र हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसपी सिटी व सीओ ने मौके का मुआयना कर पुलिस को आवश्यक निर्देश दिए। इमाम की फरवरी में निकाह होने वाला था। कुछ दिन पहले ही उसकी मंगनी हुई थी। परिवार में निकाह की तैयारी चल रही थी। इमाम के बड़े भाई ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
थाना क्षेत्र के गांव बेड़ा सादात निवासी नूर हसन इदरीशी (24) पिछले दो वर्षों से पूरनपुर नंगला की मस्जिद में इमाम थे। शुक्रवार रात वह मस्जिद परिसर में छत पर बने हुजरे (मस्जिद में इमाम का रहने का कमरा) में सोए हुए थे। सुबह की नमाज पढ़ने पहुंचे ग्रामीणों को इमाम अजान देने के लिए नीचे न आने पर कुछ शक हुआ। ग्रामीणों ने छत पर बने हुजरे में जाकर देखा तो कमरे में इमाम का खून से लथपथ शव पड़ा था। इमाम के गले में कपड़ा बंधा हुआ था और सिर पर किसी भारी चीज से प्रहार करने के निशान थे। इमाम की हत्या की खबर से गांव में सनसनी फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ एकत्र हो गई। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक सुमन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच कर जानकारी जुटाई। पुलिस ने मस्जिद के सामने बने ग्राम प्रधान के मकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी खंगाली, लेकिन हत्यारों के संबंध में जानकारी नहीं मिल सकी। फोरेंसिक विभाग एवं डॉग स्क्वायड टीम ने भी मौके पर पहुंचकर सुबूत जुटाए। एसपी सिटी लक्ष्मीनिवास मिश्रा एवं सीओ चांदपुर आरके मिश्रा ने मौके की जांच कर पुलिस को आवश्यक निर्देश दिए। ग्रामीणों के अनुसार इमाम बीमारी के कारण एक माह से अपने घर पर ही थे और चार दिन पहले ही वह मस्जिद आए थे। उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी। घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। घटना के संबंध में इमाम के बड़े भाई आलमगीर की ओर से हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। प्रभारी निरीक्षक सुमन कुमार ने रिपोर्ट दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना की कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। शीघ्र ही हत्यारों का पता लगा लिया जाएगा। हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। वहीं भीम आर्मी के नेता गौहर इकबाल ने इमाम की हत्या पर दुख जताया है। उन्होंने पुलिस से हत्या का जल्द खुलासा करने की मांग की है।
धर्म के प्रति रुचि होने से चुनी इमामत
शुक्रवार को गांव पूरनपुर नंगला की मस्जिद में मारे गए नूर हसन की धर्म के प्रति काफी रुचि थी, इसलिए उसने खेतीबाड़ी छोड़कर इमामत को चुना था।
गांव बेड़ा सादात में नूर हसन के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी अच्छी है। दो बहनों एवं चार भाइयों में वह दूसरे नंबर का था। उनके परिवार के पास खेती लायक काफी जमीन है। बड़ा भाई आलमगीर गांव का राशन डीलर है। नूर हसन की बचपन से ही धर्म के प्रति काफी रुचि थी। उसने खेतीबाड़ी न करके इमामत को चुना। धार्मिक पढ़ाई करने के बाद वह पूरनपुर नंगला की मस्जिद में इमाम हो गए। ग्रामीणों की माने तो नूर हसन की गांव में किसी से रंजिश नहीं थी।