रियासत का हत्यारोपी नासिर गिरफ्तार
नींदडू़/धामपुर। पुलिस ने रियासत मर्डर केस के आरोपी नासिर जलील को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। रियासत हुसैन की चार दिन पूर्व कॉलोनी निर्माण स्थल पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के चार आरोपी अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।
कोतवाल संजय कुमार पांचाल ने बताया कि रविवार शाम 7:30 बजे मिली सूचना पर रियासत हत्याकांड में शामिल आरोपी नासिर जलील को मौज्जमपुर जैतरा स्थित यशिका फार्म के पास से गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि 18 अक्तूबर को मैसर्स सुंदरपुर प्रॉपर्टीज गोल्डन टावर द्वारा अंथाई शेख-मनकुआ चौराहे पर स्थित विवादित भूमि में गोली मारकर 40 वर्षीय रियासत हुसैन पुत्र खिलाफत हुसैन की हत्या कर दी गई थी। वारदात को लेकर वबाल खड़ा हो गया था। मामले को लेकर उत्तेजित भीड़ ने कॉलोनी स्थल पर जमकर तोड़फोड़ की थी। कई वाहनों में आग लगा दी गई थी। रोडवेज की दो बसों के शीशे तोड़कर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया था।
ग्रामीणों ने रियासत हुसैन का शव धामपुर-दिल्ली मार्ग पर रखकर करीब चार घंटे जाम लगाया था। बाद में डीएम अटल कुमार राय और एसपी उमेश कुमार आदि ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित लोगों को समझाते हुए किसी तरह जाम खुलवा दिया था। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। रियासत के तहेरे भाई मोहम्मद राहत ने रियासत हुसैन की गोली मारकर कर हत्या करने में नजाकत हुसैन पुत्र शराफत हुसैन, नासिर जलील पुत्र मजहर जमील निवासी नींदडू़, चमन सिंह पुत्र राजवीर सिंह निवासी सैदपुर (चांदपुर), अनुज मलिक पुत्र छत्रपाल सिंह (बिजनौर) और इस्लामुद्दीन पुत्र अब्दुल गफूर (शेरकोट) के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी से मिला पीड़ित पक्ष
धामपुर। रियासत हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए पीड़ित पक्ष के लोगों ने एसपी से गुहार लगाते हुए उनकी शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। सोमवार को रियासत हुसैन का भाई परवेज हुसैन, राहत अली, नदीम अहमद, खुर्शीद अली, मां फहमीदा, भाभी शबाना, रजिया, सायरा, अदीबा, जीनत, सनव्वर जहां, तसव्वर जहां, सादिया, रानी, शाहजहां, गुड्डो, मुनिया, दिलशाद, रईस, शफाअत, नवेद अरशद आदि ने पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार को प्रार्थना पत्र देते हुए रियासत हुसैन के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर रोष जताया। उन्होंने आरोपी भूमाफिया द्वारा प्रार्थी व गवाहों को केस में पैरवी नहीं करने के लिए धमकाने, प्रकरण को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए उनसे अपनी जान माल को खतरा बताया। एसपी उमेश कुमार ने पीड़ित पक्ष को आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का विश्वास दिलाया।