बिजनौर। चांदपुर निवासी अनवर अब्बास द्वारा कोर्ट में दाखिल प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि उसकी पत्नी मानसिक रूप से बीमार हो जाने पर पत्नी के परिजनों द्वारा मोहल्ला चाहशंग चांदपुर निवासी हशमत तांत्रिक को दिखाया। तांत्रिक ने उसकी पत्नी को अपनी चंगुल में फांस लिया और नौ जनवरी को उसकी पत्नी को बच्ची सहित अपहरण करके कहीं ले गया। इस मामले में कोर्ट में 28 मार्च को प्रभारी निरीक्षक चांदपुर को आदेश दिया कि प्रथम दृष्ट्या संज्ञेय अपराध होना पाया जाता है। अभियोग पंजीकृत कर विवेचना करें। कोर्ट के आदेश के बाद भी चांदपुर पुलिस ने इस मामले में 366 आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज न करके धारा 498 के तहत एनसीआर दर्ज की। इस मामले की अनुपालन आख्या न्यायालय में आने पर अनवर अब्बास की ओर से अधिवक्ता लईक अहमद ने आपत्ति दाखिल की। जिस पर एसीजेएम ने कारण बताओ नोटिस जारी कर एसएचओ से पूछा है कि वह न्यायालय में पेश होकर यह कारण दर्शित करें कि क्यों न उनके विरूद्ध न्यायालय के आदेश की अवहेलना के आरोप में विधिक कार्रवाई की जाए।