दहेज हत्या में आरोपियाें की जमानत याचिका निरस्त
बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अल्ला रक्खे खां ने साकरा दहेज हत्याकांड में आरोपी ननद व ननदोई की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। नई दिल्ली की जैतपुर एक्सटेंशन निवासी शमशाद हुसैन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी धामपुर निवासी भांजी साकरा का निकाह थाना हल्दौर के गांव इनामपुरा मुस्तकीम के साथ 26 अप्रैल 2018 को हुआ था। मुस्तकीम के परिवारवाले साकरा को कम दहेज लाने पर प्रताड़ित करते थे और बाइक की मांग करते थे। काफी समझाने पर भी वे नहीं माने और साकरा से मारपीट करते रहे। 21 सितंबर 2018 को दिन में दो बजे साकरा को घर के अंदर बंद करके उसके पति मुस्तकीम, सास मुनेजा, ननद गुलशाना आदि ने साकरा पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा दी। साकरा के शोर मचाने पर काफी संख्या में लोग पहुंच गए। गंभीर अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती किया गया। मायके पक्ष ने साकरा को इलाज के लिए पहले मेरठ और उसके बाद दिल्ली अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस विवेचना में ननद सोना और ननदोई अबरार भी हत्या में शामिल पाए गए। कोर्ट ने सोना और उसके पति अबरार की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।