बिजनौर। एडीजे रामकरण ने दोहरे हत्याकांड में अधिवक्ता अमित को आजीवन कारावास एवं 19 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई। इस दोहरे हत्याकांड में बाकी आरोपियों को पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है।
शासकीय अधिवक्ता भस्सूराम के अनुसार ग्राम बिचपड़ी निवासी अधिवक्ता दयाराम की अपने ही गांव के अधिवक्ता तेज सिंह व जयप्रकाश राजपूत व उसके बहनोई से मुकदमेबाजी चल रही थी। 30 दिसंबर 2001 को सुबह नौ बजे दयाराम व उसका भाई रमेश, महेंद्र व राजेश व भतीजे रूपेंद्र व परवेश व ईश्वरशरण, देवराज सिंह के खेत में गन्ना छीलने जा रहे थे। रास्ते में लल्लू वैद्य के खेत के सामने तेज सिंह, नरेश, धर्मेंद्र, जयप्रकाश, राजेंद्र व बीर सिंह, देवराज, अमित, पिंटू, सतीश व मनोज, हरपाल आदि ईख के खेत से निकल कर आए। उन्हें घेर लिया तथा उन पर लाठी-डंडों, बंदूक व तबल से वार किए। इस संघर्ष में दयाराम के भाई रमेश व भतीजे परवेश को गंभीर चोर्टें आइं। अस्पताल पहुंचते इन दोनों की मृत्यु हो गई। इस हत्याकांड की पत्रावली मुरादाबाद स्थानांतरित हो गई थी। हाई कोर्ट से स्टे लेने के कारण अमित का विचारण नहीं हो पाया था। अमित को शुक्रवार को सजा सुनाई गई। बाकी आरोपियों को पहले ही मुरादाबाद की अदालत से सजा सुनाई जा चुकी है।
राशन डीलर की जमानत याचिका निरस्त
बिजनौर। एसीजेएम ओमप्रकाश ने ग्राम तय्यबपुर काजी के राशन डीलर अशोक कुमार उर्फ बकरा की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। अधिवक्ता शेर सिंह के अनुसार गांव के ही सोमपाल ने दर्ज कराई रिपोर्ट में राशन डीलर पर फर्जी राशन कार्ड बनवा कर सरकार से खाद्यान्न एवं मिटटी का तेल प्राप्त करके सरकारी धन का गबन करना और राशन कार्ड की जांच में 55 राशन कार्ड फर्जी बनाए जाने का आरोप था। कोर्ट ने इस मामले को गंभीर प्रवृत्ति का मानते हुए जमानत याचिका खारिज की है।