धामपुर(बिजनौर)। पुलिस अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर में लिपिक सुनील कुमार से 20 लाख की रंगदारी मांगने के मामले में अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। लिपिक के परिवार में दहशत है। उधर, सीओ सुुशील कुमार का कहना है कि पुलिस जांच कर रही है।
गौरतलब है कि साकेत विहार कॉलोनी निवासी सुनील कुमार अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर में लिपिक के पद पर कार्यरत है। लिपिक की पत्नी नहटौर ब्लाक के प्राइमरी स्कूल में शिक्षिका है। सुनील का कहना है कि 14 जुलाई को जब वह कार्यालय में था तो उसे बाइक पर 20 लाख की रंगदारी देने का धमकी भरा पत्र रखा हुआ मिला था। उसने उसी दिन पुलिस को अवगत करा दिया था। पर पुलिस ने इस मामले में कुछ नहीं किया। आरोप है कि इसी प्रकार का दूसरा धमकी भरा पत्र 31 जुलाई को रजिस्टर्ड डाक से उनके कार्यालय में मिला। दोबारा मिले पत्र में भी 14 जुलाई को मिले पत्र का पूरा हवाला दिया गया था। आरोप है कि पुलिस ने अभी तक इस मामले में न तो रिपोर्ट कायम की है और न ही घटना का पर्दाफाश कर सकी है। पीड़ित परिवार इस मामले में सीओ से मिल कर पूरे प्रकरण से अवगत करा चुका है। मामले में अभी तक कुछ न होने से परिवार में दहशत है। पुलिस ने जल्द घटना का खुलासा करने की मांग की है।
इस नाम का तो कोई आदमी जेल में बंद नहीं: सीओ
सीओ सुशील कुमार का कहना है कि मामले में पुलिस संवेदनशील है। चार दिन पहले एक दारोगा को मुरादाबाद भेजा गया था। लिपिक को मिले धमकी भरे पत्र में बताया गया था कि उसे यह 20 लाख की रकम मुरादाबाद में जेल में बंद एक व्यक्ति को देनी है। जांच में साफ हुआ कि इस नाम कोई व्यक्ति मुरादाबाद जेल में बंद ही नहीं है। अच्छा लिपिक को दो पत्र मिले है। दोनों पत्रों में राइटिंग भी अलग अलग है। यदि लिपिक को किसी पर शक हो तो पुलिस से बताए। पुलिस उसी आधार पर कार्रवाई करेगी।