प्रीति को धामपुर कोतवाली लेकर पहुंची मेरठ पुलिस
धामपुर (बिजनौर)। नहटौर थाने के गांव शादीपुर निवासी प्रीति को सिपाही की फर्जी तौर पर नियुक्ति दिलाने में धामपुर कोतवाली में तैनात सिपाही के अलावा बिजनौर पुलिस लाइन के एक डॉक्टर व एक अन्य व्यक्ति का नाम भी सामने आया है। आरोपी सिपाही ने इस डाक्टर से प्रीति का मेडिकल परीक्षण कराया था। इसका खुलासा तब हुआ जब मेरठ की बिजली बंबा पुलिस चौकी की पुलिस प्रीति को रिमांड पर लेकर धामपुर कोतवाली में पहुंची। यहां प्रीति से आरोपी सिपाही की पहचान कराई गई।
मेरठ बिजली बंबा पुलिस चौकी दारोगा बीएस चौहान ने बताया कि नहटौर थाने के गांव शादीपुर निवासी प्रीति ने फर्जी नियुक्ति के आधार पर पुलिस में नौकरी पा ली थी। मामला तब पकड़ में आया, जब मेरठ में पुलिस भर्ती होने के बाद उसे लखीमपुर खीरी ट्रेनिंग के लिए भेजा गया। ट्रेनिंग में गणना के दौरान एक युवती के ज्यादा होने पर मामला उलझ गया। सभी के प्रमाण पत्रों की जांच हुई। जांच में प्रीति का नियुक्ति पत्र फर्जी मिला। नियुक्ति पत्र के फर्जी सिद्ध होने पर मेरठ पुलिस ने प्रीति को 18 जून को रिपोर्ट कायम कर जेल भेज दिया। इस मामले की जांच मेरठ की बिजली बंबा पुलिस चौकी के दारोगा बीएस चौहान कर रहे हैं।
विवेचक बीएस चौहान प्रीति को जेल से रिमांड पर लेकर जांच के लिए बुधवार रात धामपुर कोतवाली पहुंचे। दारोगा ने बताया कि प्रीति के सामने कई सिपाहियों को कपिल बताकर पहचान कराने के लिए भेजा गया। पर वह सभी को मना करती रही। जब असली सिपाही कपिल उसके सामने लाया गया तो प्रीति ने उसे पहचान लिया। इस दौरान आरोपी सिपाही के भी बयान दर्ज किए गए। हालांकि कई बिंदुओं पर जांच में प्रीति के बयान भिन्न मिले। जिन्हें सिपाही सिरे से नकार रहा है। विवेचक ने बताया कि उन्हें धामपुर के उस साइबर कैफे पर भी पहुंच कर जांच करनी थी। जिस पर आरोपी सिपाही के कहने पर प्रीति के पुलिस में भर्ती कराने के फर्जी कागज तैयार किए गए। उन्होंने बताया कि जांच में प्रीति का फर्जी तौर मेडिकल करने वाले डाक्टर और एक अन्य नाम भी सामने आ गया है। यह डाक्टर बिजनौर पुलिस लाइन निवासी बताया गया है। जिसकी पुलिस जांच में लगी है।