डबल मर्डर में बुरी तरह उलझी पुलिस
बिजनौर। नजीबाबाद में बसपा नेता हाजी अहसान व उसके भांजे शादाब की हत्या में पुलिस बुरी तरह उलझ गई है। पुलिस की समझ में नहीं आ रहा है कि हत्या किसने और क्यों कराई है। अहसान के जिस कर्मचारी पर दुश्मनों को सूचना देने का शक था, वह कर्मचारी भी कुछ नहीं उगल रहा है। इस कर्मचारी ने पुलिस की मुश्किल और बढ़ा दी हैं। पुलिस ने अहसान के साथ बड़ी प्रॉपर्टी के पार्टनर व विवादित प्रॉपर्टी से जुड़े तमाम लोगों को खंगाला। पर हत्या की कोई तस्वीर साफ नहीं है।
नजीबाबाद के बसपा नेता व प्रॉपर्टी डीलर हाजी अहसान और उनके भांजे शादाब की मंगलवार को दिन में गुरुद्वारे के पास स्थित उनके कांप्लेक्स के कार्यालय में नाइन एमएम के पिस्टल से गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। दोनों को कई गोली मारी गई थी। काली कैप पहने दो शूटर मिठाई देने के बहाने कार्यालय में घुसे और ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर दोनों को मौत के घाट उतार दिया। शूटर किसने भेजे थे इसे लेकर पुलिस अभी भी उलझी है। बुधवार को पुलिस की जांच पड़ताल में यह बात सामने आई थी कि अहसान के एक कर्मचारी ने उनके बारे में सारी सूचना अहसान के दुश्मनों को दी। तब शूटरों ने दोनों का काम तमाम किया। अब ये कर्मचारी कुछ भी नहीं उगल रहा है।
पुलिस ने कई बार उस कर्मचारी से पूछताछ की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। पुलिस की समझ में नहीं आ रहा है कि हाजी अहसान की हत्या किसने कराई है। पुलिस ने हाजी अहसान के साथ प्रॉपर्टी से जुड़े उनके पार्टनर व विवादित प्रापर्टी से जुड़े तमाम लोगों को खंगाला। पर कुछ निकलकर नहीं आया। पुलिस की मानें तो हाजी अहसान के कई प्रॉपर्टी को लेकर कई लोगों से विवाद थे। हत्या किसने कराई यह पता नहीं चला है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना को अंजाम देने वाले शूटर कहां के थे। दोनों शूटर युवा थे। वे हाजी अहसान के बारे में कुछ भी नहीं जानते थे। सीओ नजीबाबाद महेश कुमार के मुताबिक हाजी अहसान व उसके भांजे की हत्या के मामले में पुलिस अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। जल्दी ही हत्याकांड का खुलासा होगा।
शादाब को मालूम थे अहसान के सारे राज
हाजी अहसान के पास कहां कितनी प्रॉपर्टी है, कितना पैसा कहां लगा रखा है यह सब कुछ उनका भांजा शादाब जानता था। हाजी अहसान के साथ उनके भांजे को भी शूटरों ने मार डाला। शादाब हाजी अहसान का सबसे भरोसेमंद था। उनके एकाउंट की देखभाल व प्रॉपटी से जुड़े सारे मामलों को वही देखता था। शादाब की हत्या के बाद यह बात भी दफन हो गई है कि हाजी अहसान पर कहां कितनी प्रॉपर्टी थी और किन लोगों को उन्होंने पैसा दे रखा था। लोग इस बात पर भी शक कर रहे हैं कि शादाब की हत्या कहीं इसलिए ही तो नहीं की गई कि प्रॉपर्टी व पैसा देने के सारे राज दफन हो जाएं।