अहसान के पीछे कई दिन से लगे थे शूटर
बिजनौर। नजीबाबाद में हाजी अहसान की हत्या करने के लिए कई दिन से शूटर लगे हुए थे। शूटर हत्या करने के लिए मौका तलाश रहे थे। मौका मिलते ही शूटरों ने अपना काम तमाम कर दिया। सूत्रों के मुताबिक हाजी अहसान की हत्या करने के लिए काफी दिनों से शूटर लगे हुए थे। जब से हाजी अहसान के दुश्मनों को मालूम था कि वह फिर से नजीबाबाद में आकर बस गए हैं। तब से दुश्मनों का काम और आसान हो गया। सूत्रों के मुताबिक हाजी अहसान की हत्या करने के लिए कई दिन से शूटर उनकी फिराक में लगे थे। शूटरों ने नजीबाबाद में डेरा डाल लिया था। पुलिस इस बात की जांच में जुटी है कि हत्या में किसी नजदीकी व्यक्ति का तो हाथ नहीं। दो तीन दिन पहले ही हाजी अहसान के कार्यालय के सीसी टीवी कैमरे खराब हुए थे। कहीं शूटरों को इस बात केबारे में मालूम तो नहीं था। शूटर बेहिचक हो कर मुंह पर बिना कपड़ा बांधे घटना को अंजाम देने के लिए उनके कार्यालय में गए। पुलिस कई पहलुओं पर हत्या की जांच कर रही है। यह बात अभी रहस्य बनी हुई है कि शूटर किसने भेजे थे।
गिरीश चंद्र को लड़ाया था चुनाव
लोकसभा चुनाव के दौरान हाजी अहसान ने नगीना से बसपा प्रत्याशी गिरीशचंद्र का चुनाव भी जोर शोर से लड़ाया था। चुनाव जीतने के बाद गिरीशचंद्र के नजीबाबाद पहुंचने पर हाजी अहसान ने उनका जोरदार स्वागत किया था। हाजी अहसान ने किरतपुर के चेयरमैन अब्दुल मन्नान की बड़ी बहन रिजवाना से दूसरा निकाह भी कर रखा है। रिजवाना से पहले भी अहसान ने शादी कर रखी थी, अहसान के दो पत्नी है।