तहसीलदार कैंपस में बने सरकारी आवासों में रविवार की रात चोरों ने तहसील में कार्यरत रजिस्ट्रार कानूनगो विनीता चौहान सहित तीन कर्मचारियों के आवासों के ताले तोड़ कर चोर 40 हजार की नकदी सहित एक लाख की कीमत से ज्यादा का सामान चोरी कर ले गए। घटना की सूचना सभी कर्मचारियों ने एसडीएम धीरेंद्र सिंह व पुलिस को दी है। पुलिस ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।
रजिस्ट्रार कानूनगो विनीता चौहान ने बताया कि वह जिला मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा थाने के गांव शरीफनगर की निवासी है। वह यहां पर पिछले कई महीनों से कार्यरत है। शनिवार और रविवार को अवकाश होने के कारण वह शनिवार की शाम को सरकारी आवास का ताला लगा कर शरीफनगर अपने घर चली गई थी।
सोमवार को जब आकर देखा तो सन रह गई। चोरों ने उनके आवास के मेन गेट का ताला तोड़ कर घर में रखे दस हजार की नकदी, प्रेस, कीमती कपड़े, पीतल के बर्तन आदि चोरी कर ले गए। घर में रखी सभी अलमारियों के ताले टूटे थे।
कोई कमरा ऐसा नहीं था जिसके दरवाजे में लगे तालों को न तोड़ा गया हो। चोरों ने इसी कैंपस में बने टाइप ई-बी आठ में चोरी की। इस आवास में नजारत विभाग में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जिमनेश रहती हैं। वह भी अपने घर नहटौर थाने के गांव अकबरपुर देवमल गई थीं।
उसने भी जब आकर देखा तो चोरों ने उसके घर को भी खंगाल डाला था। चोर जिमनेश के घर से पांच हजार की नकदी, पीतल के बर्तन, भगोने चोरी की ले गए। चोरों ने तहसीलदार के चालक नदीम अहमद के घर को भी नहीं छोड़ा। बकौल नदीम , चोर उसके घर से 25 हजार की नकदी, सोने के कुंडल, कीमती कपड़े चोरी कर ले गए।
घटना के बाद से सरकारी आवासों में रहने वालों में दहशत है। कर्मचारियों का कहना है कि उनके स्तर से एसडीएम धीरेंद्र सिंह और पुलिस को अवगत करा दिया है, पर किसी ने उनकी सुध नहीं ली। न ही पुलिस ने रिपोर्ट कायम की। तहसीलदार भान को जानकारी दी तो उनके द्वारा बताया गया कि वह बाहर हैं। उनके आने के बाद वह मामले की जांच कर पुलिस से कार्रवाई कराएंगे।
प्राइवेट लोगों की वजह से तो नहीं हुई चोरी
सरकारी कैँपस में रहने वालों का कहना है कि यहां आवासों में कई लोग प्राइवेट तौर पर रह रहे हैं। उनके यहां पर सभी प्रकार के लोगों का देर रात तक आना जाना लगा रहता है। यदि कोई टोकाटाकी करने का प्रयास करता है, तो वह बाह्य लोगों से उनके साथ अभद्रता कराते हैं। ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है। ऐसा होने से कर्मचारियों ने कई बार तहसीलदार को अवगत कराया, पर उनके स्तर से मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। यदि लिया जाता तो शायद घटना न होती है। लोगोेें ने घटना का जल्द खुलासा करने की मांग की है।
चौकीदार नहीं रहते अलर्ट
कर्मचारियों ने बताया कि तहसील में रविवार रात दो चौकीदारों की ड्यूटी थी। पर वह कैंपस आवासों की ओर से कभी नहीं आते हैं। तहसील के मेन गेट पर रहते हैं। यदि चौकीदार अलर्ट रहते तो शायद घटना न होती।