नजीबाबाद (बिजनौर)।
साहनपुर की ईदगाह पर मिला शव धनौरामंडी निवासी सुनील कुमार का था। सुनील के परिजनों ने नजीबाबाद थाने पहुंचकर उसकी शिनाख्त की। वह हरिद्वार में रोप-वे ट्राली का चालक था। उसकी हत्या क्यों और कैसे हुई? इस गुत्थी को अब पुलिस को सुलझाना है। उधर, किरतपुर क्षेत्र में मिले युवती के शव की अभी भी पहचान नहीं हो सकी है।
नगर पंचायत साहनपुर की ईदगाह पर 26 अगस्त को एक 25 वर्षीय युवक का शव मिला था। उसके चेहरे और गले पर धारदार हथियार से वारकर निर्मम हत्या की गई थी। नजीबाबाद पुलिस ने शव को तीन दिन तक जिला मोर्चरी में रखा था। पहचान न होने पर डीएनए सैंपल लेने और पोस्टमार्टम के बाद उसका बिजनौर में बुधवार को अंतिम संस्कार कर दिया था। पहचान न होने पर नजीबाबाद पुलिस ने समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कराया। बृहस्पतिवार को नजीबाबाद थाने पहुंचे संजीव कुमार ने मृतक की पहचान अपने भाई सुनील निवासी गांव पप्सरीखादर धनौरामंडी, अमरोहा के रूप में की। बताया कि सुनील हरिद्वार में रोप-वे ट्राली पर चालक था। उसका विवाह बिहार की एक युवती से हुआ था। सुनील गांव पप्सरीखादर धनौरामंडी (अमरोहा) में जून 2017 में आया था। कार्यवाहक थाना प्रभारी सतेंद्र भड़ाना ने बताया कि सुनील के परिजन विस्तृत जानकारी के लिए हरिद्वार रवाना हो गए है। आशंका जताई है कि उनके किसी नजदीकी संबंधी ने सुनील की हत्या की है। जिस दिन सुनील का शव साहनपुर ईदगाह से मिला था, उसी दिन 20 वर्षीय युवती का अर्धनग्न शव किरतपुर के कोतवाली सीमा के निकट नहर क्षेत्र से बरामद हुआ था। युवती की अभी पहचान होना बाकी है।
सीओ महेश कुमार ने बताया कि सुनील के परिजनों के हरिद्वार से वापस आने की प्रतीक्षा है। उनसे जानकारी लेने के बाद जल्द से जल्द हत्या का खुलासा करा दिया जाएगा।