बिजनौर। नजीबाबाद थाना क्षेत्र के गांव मुबारकपुर राठी मुन्नी देवी ने महिला आयोग और डीजीपी को प्रार्थना पत्र भेजकर बताया कि छह अप्रैल 2014 को उसने और नजीबाबाद क्षेत्र के ही गांव बुलचंदपुर उर्फ मुंडा खेड़ा निवासी जफरयाब, नहटौर थाना क्षेत्र के गांव सालारपुर शफक्कतपुर निवासी आफताब आदि ने किरतपुर थाना क्षेत्र के गांव हुसैनपुर तीरगर निवासी नुसरत निसार जाफरी के पास बीमा किया था। मुन्नी ने बताया कि उसने और जफरयाब ने 28 हजार रुपये जमा किए। प्रत्येक छमाही पर 6400 रुपये की किश्त वे बाकायदा देते रहे। आफताब ने 50 हजार रुपये जमा किए। वह भी अपनी किश्तें जमा करते रहे। आरोप है कि इसके बावजूद बीमा संचालिका ने अपने पुत्र के साथ मिलकर किश्त के पैसे डकार गई। जब पैसों के लिए तकादा किया गया तो मां-बेटा टालते रहे और दवाब बनाने पर संचालिका ने अपने पुत्र को गायब कर उन पर अपहरण के केस में फंसाने की धमकी दी। बताया कि पांच मार्च को जरफरयाब व उसकी पत्नी अंजुम बानो के साथ नुसरत जाफरी के घर पर गए तो महिला ने अपने साथियों के साथ मिलकर गाली-गलौच और मारपीट की। पीड़ितों ने मां-बेटे पर रिपोर्ट दर्ज कराकर उनके पैसे वापस दिलाने की मांग की है।