अवैध वसूली के विरोध में धरना
चांदपुर। दरोगा द्वारा पीड़ित पक्ष का शोषण करने के मामले में गांव की महिलाओं, परिजनों और गांववासियों ने थाने पर धरना देकर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सीओ के आरोपी दरोगा के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन देने पर धरना समाप्त हुआ।
थाना क्षेत्र के गांव किरतपुर निवासी युवती छह दिसंबर से लापता थी। परिजनों ने थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उसके बाद जब पता लगा कि युवती को पास के ही गांव बिराल निवासी युवक ले गया है तो परिजनों ने आरोपी पुष्पेद्र के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट लिखवाई थी। युवती की बरामदगी में एक दरोगा द्वारा गुमराह करने से गुस्साए परिजन, महिला और ग्रामीण बृहस्पतिवार को थाने के सामने धरना देकर बैठ गए। पीड़ित के पिता ने पुलिस अधीक्षक को संबोधित शिकायती पत्र कोतवाली निरीक्षक को दिया।
जिसमें पीड़ित पिता ने बताया कि युवती की बरामदगी को लेकर संबंधित दरोगा लड़की को दिलाने का आश्वासन देता रहा। उसके बदले में दरोगा उनसे पचास हजार रुपये ले चुका है। 40 दिन तक किराए की गाड़ी लेकर पीड़ित को इधर, उधर घुमाता रहा। परिजनों का आरोप है कि बुधवार को युवती आरोपी के परिजनों के साथ दरोगा के कमरे पर थी। हमें लड़की से मिलवाने के बहाने दरोगा ने बुलाया और कहा कि कल अपने रिश्तेदारों को लेकर आना लड़की को सभी से मिलवा दूंगा। उसके लिए दस हजार रुपये और देने होंगे। रिश्तेदारों के साथ जब पीड़ित पक्ष थाने पहुंचा तो दरोगा ने कह दिया कि लड़की को वकील की सुपुर्दगी में दे दिया है। इससे गुस्साए परिजन थाने के सामने धरना देकर बैठ गए। दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। मौके पर पहुंचीं सीओ अंशु जैन के पीड़ितों को आरोपी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर धरना समाप्त किया गया।