तीन राशन डीलरों की जमानत याचिका निरस्त
बिजनौर। स्पेशल जज रजनीश कुमार ने एक ही आधार नंबर को कई राशन कार्ड से लिंक करके घोटाले करने के आरोपी तीन राशन डीलरों की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
शासकीय अधिवक्ता इसरार अली के अनुसार पूर्ति निरीक्षक महेशचंद्र गौतम की ओर से थाना चांदपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उचित दर विक्रेता श्रवण कुमार की मोहल्ला सरायरफी चांदपुर में दुकान है। उसकी दुकान के 225 कार्डधारकों की सूची की जांच की गई तो यह तथ्य सामने आया कि एक आधार संख्या पर 92 राशन कार्ड तथा एक अन्य आधार नंबर पर 133 राशन कार्डों को लिंक किया गया है। दूसरे मामले में पूर्ति निरीक्षक योगेंद्र कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा था कि चांदपुर में विजय कुमार व दीन दयाल की भी 152 कार्डधारकों की भी सूची की जांच की गई। जांच में पता चला कि एक आधार कार्ड पर 75 राशन कार्ड तथा व एक अन्य आधार नंबर पर 73 राशन कार्ड लिंक किए गए हैं। उपभोक्ताओं के आधार नंबर का दुरुपयोग करके राशन निकालने का मामला पकड़ में आने से हड़कंप मच गया था। इस मामले की जांच वर्तमान में एसटीएफ द्वारा की जा रही है। कोर्ट ने इस मामले में अपने आदेश में लिखा है कि एक ही आधार संख्या की पुनरावृत्ति कर खाद्यान्न की कालाबाजारी करने से खाद्यान्न की कीमतों पर असर पड़ता है। ऐसे मामले जमानत दिए जाने का कोई आधार नहीं है। अदालत ने राशन की कालाबाजारी करने के मामले में श्रवण कुमार व विजय कुमार व दीन दयाल की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
जमानत याचिका खारिज
बिजनौर। एडीजे सुनील कुमार ने एक वृद्धा के घर में घुसकर उसके कुंडल लूटने के प्रकरण में आरोपी रेखा की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। शासकीय अधिवक्ता इसरार अली के अनुसार बिजनौर निवासी हुकुम सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 21 अक्तूबर 2018 को शाम करीब चार बजे उनकी मौसी सत्यवती के घर में एक महिला रेखा गांव हैजरीवाला घुस आई। उसने उनकी 85 वर्षीय मौसी सत्यवती का गला व मुंह दबाकर उनके कुंडल लूट लिए। शोर मचने पर मोहल्लेवालों ने रेखा को घेरकर पकड़ लिया था। सत्यवती से लूटे गए कुंडल रेखा से बरामद हुए थे।