चंडीगढ़, गाजियाबाद में भी छिपे रहे शुभम व मोहित
बिजनौर। 50 हजार के इनामी बदमाश शुभम व उसका साथी मोहित पुलिस से बचने के लिए चंडीगढ़ व गाजियाबाद में भी छिपे रहे। घटना को अंजाम देने के बाद ये दोनों बदमाश कहीं भी जंगल में ईख में छिप जाते थे। जहां बाइक का पेट्रोल खत्म हो जाता था, उसे वहीं छोड़कर दूसरी बाइक लूट लेते थे। दोनों बदमाश पिछले कई दिनों से शुभम के मौसा के यहां अमरोहा में पनाह लिए हुए थे।
बिजनौर के मोहल्ला राम बाग घेर निवासी 50 हजार के इनामी बदमाश शुभम व हल्दौर थाने के गांव कुम्हारपुरा निवासी 25 हजार का इनामी बदमाश मोहित जिले की पुलिस के लिए सिरदर्द बन गए थे। दोनों को शनिवार शाम जलीलपुर क्षेत्र के जंगल में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दबोच लिया था। पैर में गोली लगने से दोनों बदमाश घायल हो गए थे। दोनों बदमाशों ने पुलिस को बताया कि पुलिस के डर से वह चंडीगढ़ व गाजियाबाद चले गए थे। वहां से आने के बाद फिर से लूट की घटनाओं को अंजाम देने लगे। उन्होंने जिले भर में पिछले एक माह में हुई लूट की कई घटनाओं में अपना हाथ होना कबूला है। कहा कि उनकी बाइक का जहां भी पेट्रोल खत्म हो जाता था, उसे वहीं खड़ी करके दूसरी बाइक लूट लेते थे। फिर लूटी गई बाइक से घटना को अंजाम देते थे। कई लूट की घटनाएं उन्होंने ऐसी बताई जो थाने में भी दर्ज नहीं हुई हैं। दोनों बदमाशों ने पुलिस को बताया कि लूट की रकम से वह अपना खर्च चलाते थे। लूट करने के बाद कहीं भी जंगल में ईख में छिप जाते थे। दोनों बदमाशों ने शहर कोतवाली, हीमपुर, हल्दौर क्षेत्र समेत कई थानों में लूट की घटनाओं को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक दोनों बदमाश पिछले दो-तीन दिनों से अमरोहा में शुभम के मौसा के यहां पनाह लिए थे। पहले भी ये अपने रिश्तेदारों व परिचितों के यहां पनाह ले चुके हैं।
आदित्य ने बनाया शुभम को बदमाश
शुभम ने पुलिस को बताया कि उसका बदमाश बनने का कोई इरादा नहीं था। कुख्यात बदमाश आदित्य की वजह से वह फिर से बदमाश बन बैठा। आदित्य ने बदमाश न बनने पर उसके पिता भोबिन की हत्या करने की धमकी दी थी। तब शुभम दोबारा से जरायम की दुनिया में कूद गया।
जेलर की हत्या को की थी रैकी
कुख्यात बदमाश आदित्य ने शुभम को जेलर आकाश शर्मा की हत्या की जिम्मेदारी सौंपी थी। जेलर की हत्या को अंजाम देने के लिए शुभम ने कई बार जेलर की रैकी भी कराई, पर जेलर शुभम के हत्थे नहीं चढ़े। इसका पता चलने के बाद पुलिस चौकन्ना हो गई है और यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर आदित्य जेलर की हत्या क्यों कराना चाहता था।