शोभा ज्वैलर्स में चोरी करने वाले को दबोचा
बिजनौर।
पुलिस ने एक माह पूर्व शोभा ज्वैलर्स में चोरी करने वाले को दबोच लिया। उसने बचने के लिए पुलिस पर कार चढ़ाने की भी कोशिश की।
शहर कोतवाल प्रेमवीर राणा के मुताबिक, बिजनौर के सदर बाजार में 10 जून की रात शोभा ज्वैलर्स में चोरी बुलंदशहर जिले के गुलावठी निवासी राशिद अली ने की थी। पुलिस ने बैराज के पास से उसे होंडा सिटी कार के साथ घेराबंदी करके पकड़ा। उसने पुलिसवालों पर कार चढ़ाने की भी कोशिश की। चोर दुकान के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था। राशिद ने पुलिस को बताया कि उसने चोरी से एक सप्ताह पहले शोभा ज्वैलर्स की छत पर अपना सामान रख दिया था। दो दिन पहले जीने में रस्सा डाला था। चोरी की घटना वह अकेले करता था। उसे 60-70 लाख रुपये की जरूरत थी। उसे शोभा ज्वैलर्स से इससे ज्यादा रकम के जेवर मिलने की उम्मीद थी। यह शोरूम कई साल से उसके निशाने पर था। राशिद पंजाब के कई बड़े शहरों के अलावा गाजियाबाद व आसपास के इलाकों में चोरी करता था।
मामा के बेटे से सीखे चोरी के हथकंडे
राशिद ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2008 में वह कक्षा 11 में पढ़ रहा था। तभी उसके पिता ने गुलावठी में उसे कंप्यूटर सेंटर खुलवा दिया था। इस सेंटर पर कर्ज हो गया। माता-पिता के डर से उसने किसी को कुछ नहीं बताया। परिजनों से घर से निकाल दिया। वह मामा के यहां दिल्ली चला गया। मामा का पुत्र साजिद शातिर चोर है। साजिद छत काटकर चोरी करता था। दूसरा बेटा आसिफ जुआरी था। इनके साथ रहकर राशिद बड़ा चोर बन बैठा। 2012 में राशिद गाजियाबाद में पकड़ा गया था। हरियाणा के रोहतक शहर में सर्राफ की दुकान से राशिद ने 70 लाख रुपये उड़ाए थे। 2013 से बिजनौर की सर्राफा दुकान राशिद के निशाने पर थी। चोरी के लिए गैस कटर, छोटा सिलेंडर, रस्सा वह साथ रखता था।
करोड़पति बनने की चाहत
राशिद अली करोड़पति बनना चाहता था। राशिद अली बड़ी चोरी करना चाहता था। राशिद का इरादा अखबार निकालने का भी था। 2013 में जेल से बाहर आने पर राशिद ने मेरठ के शांतिनगर में एक फ्लैट खरीदा था। राशिद की वहां कुछ युवकों से दोस्ती हो गई। उन्होंने राशिद को अखबार निकालने के सपने दिखाए थे।