गोशालाओं से फिर से गोद ले सकते हैं गोवंश
बिजनौर। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत गोशाला में रखे गोवंश को फिर से गोद दिया जाएगा। जिले में 278 गोवंश को योजना के अंतर्गत किसानों को गोद देने का लक्ष्य रखा गया था। लक्ष्य के सापेक्ष जिले में 308 गोवंश गोद दिए जा चुके हैं। छह अन्य गोवंश बिना किसी योजना के गोद दिए गए हैं। योजना में पहले 24 जुलाई तक संरक्षित गोवंश को ही गोद दिया जा सकता था। अब मुख्यमंत्री के आदेश पर 30 नवंबर तक गोशालाओं में संरक्षित गोवंश को गोद दिया जा सकता है। मुख्य पशुधन चिकित्साधिकारी भूपेंद्र सिंह के अनुसार एक व्यक्ति को अधिकतम चार पशु ही दिए जा सकते हैं। ऐसे किसानों को प्रति गोवंश भरण पोषण के लिए 30 रुपये प्रतिदिन दिए जाएंगे। जिले में अब तक कान्हा पशु आश्रय स्थल में 364, जिला पंचायत द्वारा बने कांजी हाउस में 45, गांव छाछरीटीप में बनी गोशाला में 190 गोवंश संरक्षित हैं। इसके अलावा पंजीकृत व अपंजीकृत गोशालाओं में 1772 गोवंश संरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि नगीना व सबलगढ़ की गोशाला गोकाष्ट बनाकर अपनी आय भी कर रही हैं। इस आय को गायों के भरण पोषण में ही खर्च किया जाता है।