बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो तालेवर सिंह ने फिरौती के लिए हुए नवनीत के अपहरण में आठ लोगों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोष सिद्ध शहजाद के कोर्ट में पेश नहीं होने पर उसकी पत्रावली अलग कर उसके गैर जमानती वारंट जारी किए गए। साथ ही उसकी संपत्ति की कुर्की के आदेश पुलिस को दिए हैं।
थाना बढ़ापुर के ग्राम नूरपुर अरब निवासी रविंद्र सिंह ने पांच नवंबर 2013 को थाना बढ़ापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके जंगल में बने मकान में कुछ व्यक्ति घुस आए और मकान की चहारदीवारी में खड़ी जिप्सी, उसके बेटे नवनीत इंदर को जबरदस्ती ले गए। रिपोर्ट में कहा गया था कि उसके बेटे की जान को खतरा है। 11 नवंबर को रविंद्र सिंह ने थाने को प्रार्थना पत्र देकर सूचित किया कि उसके मोबाइल पर कामिल ने फोन कर कहा कि उसका बेटा नवनीत इंदर उनके पास है।
पुलिस ने इस मामले में कामिल, मेहरबान, सारिक, सरफराज, इरफान, शहजाद, परवेज, सद्दाम, नवाब, इरशाद के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। अभियोजन अधिकारी आनंद जिंघाला के अनुसार इरफान की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। बाकी नौ अभियुक्तों कामिल, मेहरबान, शारिक, सरफराज, शहजाद ,परवेज, सद्दाम, नवाब, इरशाद को फिरौती के लिए अपहरण का आठ अगस्त को दोषी पाते हुए सजा निर्धारण के लिए 12 अगस्त की तिथि लगाई थी। न्यायालय परिसर में दोष सिद्ध के दौरान कोर्ट में मौजूद न होने वाले तीन अभियुक्तों सरफराज, शहजाद, सद्दाम के विरुद्ध वारंट जारी करते हुए उनके जमानतियों को नोटिस दिए दिए जाने का आदेश दिया था।
सोमवार को कोर्ट में दोष सिद्ध के दौरान आठ अगस्त पेश नहीं होने वाले सरफराज व सद्दाम कोर्ट में पेश हो गए। शहजाद कोर्ट में पेश नहीं हुआ। उसकी पत्रावली पृथक कर उसके गैर जमानती वारंट किए गए हैं। उसकी कुर्की की आदेश भी जारी किए गए है। कोर्ट ने शेष आठ कामिल, मेहरबान ,सरफराज, सद्दाम गुज्जर, नवाब गुज्जर, शारिक बंजारा, परवेज व इरशाद को अपहरण के लिए फिरौती का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई सुनाई है।