11 जुलाई को ग्राम बनावली में विद्युत लाइन पर काम करते वक्त करंट से झुलस गया था
मृतक आश्रित को पक्की नौकरी, परिवार के लिए 50 लाख रुपये का मुआवजे की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। विद्युत लाइन पर काम करते समय करंट से झुलसे संविदा विद्युत कर्मी 32 वर्षीय मनोज कुमार की मेरठ के अस्पताल में सात दिन बाद मौत हो गई। परिजनों ने उसके शव को अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में रखकर प्रदर्शन किया। मृतक आश्रित को निगम में पक्की नौकरी और 50 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने की मांग की।
ग्राम मुहम्मदपुर सादा उर्फ सुहागपुर निवासी मनोज कुमार पुत्र धर्मपाल विद्युत संविदा कर्मी था। 11 जुलाई को ग्राम बनावली में विद्युत लाइन पर कार्य करते वक्त मनोज करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया था। उसे मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बृहस्पतिवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन उसके शव लेकर धामपुर सर्किल के अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान संध्या देवी ने बताया कि मनोज के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं । वह परिवार में अकेला कमाने वाला था। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने मृतक आश्रित को 50 लाख रुपये मुआवजा दिलाने और परिवार के एक सदस्य को निगम में पक्की नौकरी दिलाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों में शेर सिंह, राजेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, जयपाल सिंह, कृष्णपाल सिंह, सुभाष सिंह, लोकेश, करण सिंह, महिपाल सिंह, देशबंधु, रामरती देवी, उषा देवी, रेणु देवी, कृष्णा देवी आदि शामिल रहे।
जब शटडाउन था तो लाइन में करंट कैसे दौड़ा
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि जिस वक्त मनोज लाइन पर कार्य कर रहा था, उस वक्त शटडाउन लिया गया था। फिर लाइन में करंट कैसे दौड़ा। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की भी मांग की।
पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी। निगम की ओर से साढ़े सात लाख रुपए मुआवजे का प्रावधान है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मुआवजे की कार्रवाई शुरु की जाएगी। उन्होंने मामले की विभागीय जांच कराने की भी बात कही। - तुषार राय, उपखंड अधिकारी