नजीबाबाद/जलालाबाद। पूर्वी गंग नहर सरवनपुर में गर्डर टूटने की घटना से हाईवे अथॉरिटी के सामने निर्माण गुणवत्ता को लेकर चुनौती बनी है। हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई बिंदुओं से जांच कराने का फैसला लिया है।
काशीपुर-हरिद्वार फोरलेन निर्माण के दौरान पूर्वी गंग नहर पर जिन चार गर्डरों को रखकर हाईवे निर्माण किया जाना है, उनमें पहला ही गार्डर रखते समय तत्कालीन निर्माण कंपनी और ठेकेदार की लापरवाही गर्डर टूटने की घटना से सामने आई है। मैसर्स पवन कंपनी की ओर से बुधवार की देर रात जो गर्डर रखा जा रहा था, वह गर्डर तीन अक्तूबर 2022 को तैयार किया गया था। जिस कंपनी और ठेकेदार की देखरेख में गर्डर तैयार किया था, वह काफी समय पूर्व काम छोड़ चुकी है। जिसके कारण करीब एक वर्ष से क्षेत्र का फोरलेन हाइवे निर्माण रुका रहा। मौजूदा कंपनी और हाईवे अथॉरिटी के लिए पूर्वी गंग नहर पर रखे जाने वाले तीन शेष गर्डरों की गुणवत्ता की भी बारीकी से जांच कराना जरूरी होगा, ताकि तकनीकी रूप से कमजोर गर्डरों को रखने से भविष्य में कोई गंभीर हादसा न हो। उधर, हाईवे अथॉरिटी के जीएम विकास सिंह ने मामले को गंभीरता से लेकर गार्डर टूटने के मामले में जांच शुरू कर दी है।
पूर्व कंपनी और ठेकेदार लगा गए चूना
पूर्वी गंग नहर पर दो टुकड़ों में विभाजित हुए गर्डर पर लगाए गए सरिए और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर हाईवे अथॉरिटी चिंतित दिखाई दे रही है। गर्डर निर्माण के दौरान के उच्चाधिकारी, कंपनी और ठेकेदार बदले जा चुके हैं।
गर्डर रखते समय टूटने की घटना गंभीर है। गर्डर क्यों टूटा है, इसके कारणों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - राजकुमार नागरवाल, परियोजना निदेशक, हाईवे अथॉरिटी।