- शासन से की गई थी 27 असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में अनियमितता की शिकायत
- एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में बनाई गई जांच कमेटी
- कमेटी ने 2 सितंबर को कॉलेज प्राचार्य और शिकायतकर्ता को किया तलब
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। वर्धमान कॉलेज में हुई 27 असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती जांच के घेरे में आ गई है। शासन से शिकायत के बाद एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी गई। जांच कमेटी ने कालेज प्राचार्य और शिकायतकर्ता को दो सितंबर को तलब किया है। इसके बाद से कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं भरते हुए असिस्टेंट प्रोफेसरों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं।
दिल्ली निवासी मोहम्मद सरवी अल्वी ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी कि वर्धमान कॉलेज में 27 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती निकाली गई थी। इनमें पहला विज्ञापन में 23 और दूसरे विज्ञापन में चार पद बताए गए थे। आरोप लगाया कि एक सितंबर 2023 को इन पदों के लिए साक्षात्कार किए गए, जो कॉलेज में न होकर दिल्ली में कराए गए।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाए की इस भर्ती में मैनेजमेंट और सिलेक्शन कमेटी ने अपने रिश्तेदारों का चयन कर लिया। मैनेजमेंट से जुड़े कुछ लोगों के रिश्तेदारों के नाम भी शिकायती पत्र में दिए गए। शिकायत के बाद शासन ने इस मामले की जांच प्रशासन को सौंप दी।
एडीएम प्रशासन विनय कुमार की अध्यक्षता में चार सदस्य कमेटी का गठन कर दिया गया। इसमें क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी बरेली, सेवायोजन अधिकारी बिजनौर, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बिजनौर को सदस्य बनाया गया है। एडीएम प्रशासन विनय कुमार नेइस मामले की जांच शुरू कर दी। शिकायतकर्ता और कॉलेज प्राचार्य को पत्र लिखकर 2 सितंबर को तलब किया है।
वर्धमान कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की जांच चल रही है। दो सितंबर को दोनों पक्षों को बुलाया गया है। पहले दोनों का पक्ष जाना जाएगा, इसके बाद आगे की जांच की जाएगी। - विनय कुमार, एडीएम प्रशासन
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हमें शिकायत की जानकारी मिली है। प्रशासन के यहां से पत्र आया है। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में नियमों का पालन किया गया है। दो सितंबर को हम तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखेंगे। - सीएम जैन, प्राचार्य वर्धमान कॉलेज