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कॉमेडी मेरा पेशा है, इससे मुझे सुकून मिलता है

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कॉमेडी मेरा पेशा है, इससे मुझे सुकून मिलता है
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नजीबाबाद। हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव के निधन से उनके फैंस स्तब्ध हैं। मार्च के अंतिम सप्ताह में राजू श्रीवास्तव ने फिल्म प्रोड्यूसर वसीम कुरैशी के आमंत्रण पर नजीबाबाद के लोगों का जमकर मनोरंजन किया था। वसीम कुरैशी ने कहा कि समारोह में उन्होंने कहा था कि कॉमेडी मेरा पेशा है, इससे मुझे सुकून मिला है।
फिल्मों और मंचों से सबको हंसाने वाले हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव के निधन से उनके चाहने वालों में मायूसी है। फिल्म प्रोड्यूसर वसीम कुरैशी के पारिवारिक समारोह में शामिल होने आए राजू श्रीवास्तव ने हास्य कला से क्षेत्रवासियों को खूब गुदगुदाया।
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प्रोड्यूसर वसीम कुरैशी उनके साथ बिताए पलों को याद करते हुए उन्हें मनोरंजन की दुनिया का बड़ा कलाकार मानते हैं। उन्होंने कहा कि राजू श्रीवास्तव कहा करते थे कि भले ही कॉमेडी मेरा पेशा है, इससे मुझे सुकून मिलता है। उनके इंतकाल को वसीम कुरैशी हास्य की दुनिया की अपूरणीय क्षति बताया।
एनआईआईटी के एमडी इंजी. अवनीश अग्रवाल कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को स्टेंडअप कॉमेडियन की अग्रिम पंक्ति का कलाकार मानते हैं। उनका कहना है कि राजू श्रीवास्तव निर्भीक कॉमेडियन थे। वो राजनेता हो या कोई भी असाधारण व्यक्तित्व, कॉमेडी में कभी सच्चाई और कटाक्ष से नहीं चूकते।
साहित्यकार एवं कवि प्रदीप डेजी ने कहा कि राजू श्रीवास्तव ने मंचों से कॉमेडी शुरू कर अपनी मेहनत के बल पर बॉलीवुड तक का सफर तय किया। वर्ष 1988 में फिल्म तेजाब से फिल्मी दुनिया का सफर तय करने वाले राजू श्रीवास्तव ने बाजीगर, बॉम्बे टू गोवा, आमदनी अट्ठनी खर्चा रुपया जैसी कई फिल्मों में अपनी हास्य कला से लोगों को गुदगुदाया।
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समाजसेवी एवं युवा कारोबारी इरफान कुरैशी और पेशे से चिकित्सक डॉ.एसके जौहर राजू श्रीवास्तव के मार्च माह में नजीबाबाद के एक विवाह समारोह में क्षेत्रवासियों को हंसाने का स्मरण करते हुए कहते हैं कि राजू श्रीवास्तव की मौत से हास्य की दुनिया का बड़ा कलाकार हमसे बिछड़ गया।
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