फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दावों में निकासी जमीन पर जलभराव

विज्ञापन
विज्ञापन
दावों में निकासी, जमीन पर जलभराव
विज्ञापन

बिजनौर। 20 मिनट की बारिश ने व्यवस्था की पोल खोल देती है। अफसरों द्वारा बारिश के पानी की निकासी का दावा किया जाता है, लेकिन बारिश के पानी से कॉलोनियों की खाली जमीन पर जलभराव हो रहा है। नालों की स्वयं निकासी न होने पर उनके पानी से सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। सड़कों पर जलभराव से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश पालिका क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम के दावों पर पानी फेर देती है।
बिजनौर नगर पालिका की आबादी करीब दो लाख है। शहर के मोहल्लों, कॉलोनियों से आबादी के पानी की निकासी के लिए 21 छोटे तथा 38 बड़े नाले बने हुए हैं। पुराने बाजार एवं पुरानी कॉलोनियों के अंदर अतिक्रमण होने से नालों की स्थिति दशकों पुरानी ही है। पालिका की ओर से लाखों रुपये ड्रेनेज सिस्टम सुधारने को खर्च किए जाते हैं। बड़े-छोटे नालों की साफ कराने और पानी निकासी का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत कुछ और है। 20 मिनट की बारिश व्यवस्था की सारी पोल खोल देती है। बारिश के पानी से मोहल्ला चाहशीरी, नई बस्ती व आवास विकास कॉलोनी आदि में जलभराव की समस्या रहती है। नजीबाबाद रोड पर आदर्श नगर कॉलोनी के सामने और डाकघर चौराहे व चाहशीरी की सड़क पर हल्की बारिश से पानी भर जाता है। इससे राहगीरों को भारी परेशानी होती है।
विज्ञापन

- घरों में घुस जाता है बरसात का पानी
आवास विकास निवासी विशाल ढाका का कहना है कि हर साल हल्की बारिश में भी कॉलोनी में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। तेज बारिश का पानी घरों में घुस जाता है। कई दशकों की इस समस्या को अब खत्म होना चाहिए। मुकेश चौहान का कहना है कि बरसात में पंपसेट से कॉलोनी के पानी की निकासी होने पर लोगों को राहत मिलती है। घर में पानी घुसने पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
- स्कूली बच्चों को छोड़ना होता है मुश्किल
अंकुर चौधरी, विपिन कुमार, शैलेंद्र कुमार का कहना है कि पानी की निकासी व नालों तक सड़क का पानी न जाने से नजीबाबाद मार्ग पर स्टेशन चौराहे से आगे आदर्श नगर कॉलोनी के सामने एवं सेंटमेरी स्कूल चौराहे पर पानी का भराव होने से परेशानी रहती है। उस मार्ग पर कई स्कूल हैं। जलभराव से बच्चों को स्कूल छोड़ने व लाने में परेशानी होती है।
-नालों को खुद की निकासी का इंतजार
शहर के बाहरी क्षेत्र की बात करें, तो शहर के पानी निकासी करने वाले नालों को अपनी निकासी का इंतजार है। नजीबाबाद रोड पर एक साइड नाला बना है, तो एक साइड कच्चा है अब पालिका की ओर से बनवाया भी जा रहा है। लेकिन यहां भी नाला खत्म होने के बाद पानी स्वयं ही अपना रास्ता खोजता है। ऐसा ही हाल गढ़ी रोड, नूरपुर आदि का है।
-खाली जमीन में हो जाता है जलभराव
आबादी के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था न होने से पानी खाली जमीन में भरा रहता है। शहर के बाहर कॉलोनियों में छोटी नालियों की व्यवस्था न होने से उनका खाली प्लाटों में भर रहा है। झालू रोड पर पानी निकासी न होने से कई बीघा जमीन में पानी भरा रहता है।
वर्जन...
बरसात में ज्यादा पानी बरसने से कुछ समय के लिए समस्या हो जाती है। पालिका की ओर से निकासी की उचित व्यवस्था की है और की जा रही है। शहर के बाहर निकासी के लिए प्लान बनाया जा रहा है। बरसात से पहले ही नाली, नालों की साफ-सफाई कराई गई है और फोन पर टीम पहुंचकर साफ-सफाई कराई जाती है।
विज्ञापन

-शमशाद अंसारी, चेयरपर्सन के पति

कोतवाली देहात के ग्राम बरूकी में तेज बारिश से हुआ जलभराव।- फोटो : BIJNOR

हल्दौर के मोहल्ला हरिनगर कॉलोनी में बारिश से हुआ जलभराव।- फोटो : BIJNOR

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें