मदरसों में नहीं पढ़ रहे सर्वे का विरोध करने वालों के बच्चे : धर्मपाल सिंह
बिजनौर। मदरसों के सर्वे का विरोध करने वाले वे लोग हैं जिनके बच्चे मदरसों में नहीं पढ़े हैं। मदरसों में गरीब लोगों के बच्चे पढ़ रहे हैं। विरोध कराने वाले नहीं चाहते कि मदरसों के बच्चे तरक्की करें। यह बात कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि गांव गांव नशा मुक्ति अभियान चलाया जाएगा। बोले कि दूध नहीं देने वाली गाय और गोवंश के छोड़ देने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। हालांकि अभी इसके लिए जागरूकता अभियान चलेगा।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट के महात्मा विदुर सभागार में पशुधन एवं दुग्ध विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्मपाल सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) माध्यमिक शिक्षा विभाग गुलाब देवी और गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने प्रेसवार्ता की। मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि जनपद का चहुमुखी विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिजनौर की प्रगति के लिए संवेदनशील हैं। प्रदेश में पशुओं का लंपी रोग दूसरे प्रदेशों से आया है। 25 जिलों में लंपी रोग से प्रभावित पशु देखे गये है। उन्होंने कहा कि टीके की कोई कमीे नही है। यह रोग पशुओं से मनुष्यों में नहीं फैलता है। बिजली की नियमित आपूर्ति हो इसको सुनिश्चित कराया जा रहा है। खेतों में गाये छोड़ने के सवाल धर्मपाल सिंह कहा कि कानून बन चुका है, अगले साल से इसे लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद यदि किसी ने गोवंश खेत में छोड़ा तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा।
बिजली भुगतान न होने पर निजी नलकूप के कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे, किसान को खाद व बीज समय पर उपलब्ध कराया जाएगा। व्यापारियों की समस्याओं का निस्तारण भी प्राथमिकता पर कराया जा रहा है। ग्रामों में नशा मुक्ति अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। थाने पहुंचने वाले व्यक्ति की रिपोर्ट लिखी जाए इसमें किसी प्रकार की हीला हवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉक्टरों की उपलब्धता अगर कहीं कमी है तो उसकी उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी। सरकार चाहती है कि मुस्लिम बच्चों के एक हाथ में कुरान व एक हाथ में लैपटॉप हो। मदरसों का सर्वे कराया जा रहा है जिससे बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले, वह कौशल विकास योजनाओं से भी लाभान्वित हों। मदरसों में एनसीईआरटी का कोर्स लागू किया जाएगा। साथ ही जनपद में चल रहे विकास कार्यो केे गिनाया। इस अवसर पर सदर विधायक सूची चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह, सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
मनाने पर नहीं माने पशु चिकित्सक तो स्वीकार किया इस्तीफा
बिजनौर। अमरोहा स्थित गो संरक्षण केंद्र में गायें मरने और पशु चिकित्साधिकारी के निलंबन का विरोध में इस्तीफा देने वाले सहारनपुर के छह पशु चिकित्सकों पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उन्हें बहुत मनाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद ही उनका इस्तीफा स्वीकार किया गया।
बृहस्पतिवार को बिजनौर के महात्मा विदुर सभागार में पशुधन एवं दुग्ध विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्मपाल सिंह पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। धर्मपाल सिंह ने कहा कि सहारनपुर के छह पशु चिकित्सकों ने इस्तीफा ही दिया था। हमने और अपर मुख्य सचिव ने उन्हें इस्तीफा वापिस लेने के लिए मनाया। उन्हें समय भी दिया गया, लेकिन उन्होंने इस्तीफे वापिस नहीं लिए। इसके बाद ही इस्तीफे स्वीकार किए गए हैं। साथ ही कहा कि लंपी बीमारी की आपात स्थित चल रही है, ऐसे में चिकित्सकों को इस्तीफे नहीं देने चाहिए थे।