- नजीबाबाद कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ सहायक ने लगाया था डीएफओ पर आरोप
- डीएफओ बोलीं, आरोप निराधार और मेरे खिलाफ षड़यंत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद/बिजनौर। वन विभाग के कनिष्ठ सहायक नरेंद्र सैनी द्वारा डीएफओ पर थप्पड़ मारने के आरोप का मामला मुख्य वन संरक्षक तक पहुंच गया है। मुख्य वन संरक्षक ने वन संरक्षक मुरादाबाद को जांच करने के निर्देश दिए हैं। उधर, सोमवार को लेखाकार को छोड़कर महिला वन दरोगा सहित कार्यालय कर्मचारी मुरादाबाद वन संरक्षक से मिलने पहुंच गए। वहीं, डीएफओ ने मामले को उनके खिलाफ षड़यंत्र बताया है।
बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ सहायक नरेंद्र सैनी ने वन विभाग मुख्य वन संरक्षक सहित उच्चाधिकारियों को डीएफओ के खिलाफ शिकायत की थी। नरेंद्र सैनी का आरोप था कि शनिवार को कार्यालय कामकाज में खामी बताते हुए डीएफओ ने उसे थप्पड़ मार दिया। नरेंद्र सैनी ने प्रांतीय यूनियन को घटना की जानकारी दी।
प्रकरण के बाद सोमवार को कार्यालय में लेखा अधिकारी, सुरक्षा गार्ड के अलावा अन्य कर्मचारी बिना सूचना कार्यालय से नदारद रहे। इनमें कार्यालय से संबद्ध दो महिला वन दरोगा और लिपिक शामिल हैं। कनिष्ठ सहायक नरेंद्र सैनी ने बताया कि प्रकरण के संबंध में कर्मचारी वन संरक्षक से मिलने मुरादाबाद आए हैं।
डीएफओ ने आरोप को निराधार बताया
डीएफओ वंदना ने कनिष्ठ सहायक के आरोप को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि शिकायती पत्र में उसने स्वयं लिखा है कि वह अकेला था। षडयंत्र के तहत अन्य कर्मचारियों ने आरोप को समर्थन दिया है। कार्य प्रणाली में सुधार की सख्ती होने पर भ्रामक आरोप है। उन्होंने कार्यालय प्रकरण को बाहर ले जाने और बिना सूचना कार्यालय से नदारद रहने को अनुशासनहीनता बताया।
अधिकारी और कर्मचारी का मामला है। मीडिया से इसका कोई लेना देना नहीं। मुझे इस संबंध में कुछ नहीं कहना। -र मेश चंद्रा, वन संरक्षक मुरादाबाद
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इस मामले की शिकायत आई है। इस मामले में वन संरक्षक मुरादाबाद को जांच करने के लिए कहा गया है। जांच के बाद स्थिति साफ हो पाएगी।
विजय सिंह, मुख्य वन संरक्षक, बरेली
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