नजीबाबाद - चंद्रदीप सिंह वालियान, प्रोफेसर।
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अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में प्रकाशित हुआ चंद्रदीप का शोध पत्र
नजीबाबाद (बिजनौर)। एनआईआईटी के विद्युत अभियांत्रिकी में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर चंद्रदीप सिंह वालियान का शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में प्रकाशित हुआ। चंद्रदीप द्वारा दिए गए विद्युत की गुणवत्ता सुधार के विकल्प अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहे गए।
पंडित गोविंद वल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर से इंजीनियरिंग में परास्नातक एनआईआईटी के असिस्टेंट प्रोफेसर चंद्रदीप सिंह वालियान ने विद्युत की गुणवत्ता सुधार से संबंधित शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में रखा। सेंट मार्टिन इंजीनियरिंग कॉलेज सिकंदराबाद तेलंगाना में हुई कान्फ्रेंस में कंटिन्यूटी एंड इंनोवेशन इन अप्लाइड साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज विषय से शोध पत्र में विद्युत गुणवत्ता सुधारने के अनेक विकल्प दिए गए। चंद्रदीप सिंह ने नॉन-लीनियर लोड अर्थात अरेखीय भार जैसे टीवी, कंप्यूटर, एलईडी, एलसीडी एवं प्रिंटर के कनेक्ट होने पर सप्लाई वोल्टेज और सप्लाई करंट में होने वाली विकृति को डी-स्टैट कॉम का उपयोग करके टोटल हारमोनिक डिस्टॉर्शन को 2.14 प्रतिशत कम करने के सुझाव अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में रखे थे।
भारतीय केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के ग्रिड मानकों पर आधारित शोध पत्र को अंतरराष्ट्रीय पटल पर सराहना के साथ शोध पत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित किया गया। एनआईआईटी के एमडी इंजी. अवनीश अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक अभिनव अग्रवाल, अदिति अग्रवाल सहित संस्थान के प्रतिनिधियों ने चंद्रदीप सिंह को एनआईआईटी का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने के लिए बधाई दी।