संवाद न्यूज एजेंसी
- उप्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने की अधिकारियों के साथ बैठक
बिजनौर। उप्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष (राज्य मंत्री स्तर) डाॅ. देवन्द्र शर्मा ने कहा कि राज्य में बच्चों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। बच्चों की सुरक्षा, सेवा तथा उनको अधिकार उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
विकास भवन के सभागार में बुधवार को महिला एवं बाल विकास कल्याण विभाग के विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। डॉ. देवन्द्र शर्मा ने बाल श्रम से मुक्त कराए गएं बच्चों के पुनर्वास के लिए डीपीआरओ को निर्देश दिए। बिजनौर शहर की सीमा विस्तार आए पंचायत भवन को जिला बाल अधिकार संरक्षण विभाग को उपलब्ध कराएं। ताकि वहां किशोर व युवाओं को पुर्नवास के साथ-साथ उनकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा सकें। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि किशारों एवं युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए मेडिकल स्टोर्स आदि का निरीक्षण करें।
उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड) के तहत जिले में 223 छात्रा को चिह्नि किया, जिन्हें 4000 प्रतिमाह की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। अध्यक्ष डॉ. देवन्द्र शर्मा ने 31 छात्रों को लैपटॉप का वितरण किया। उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के तहत 161 छात्रों को 2500 रुपये प्रतिमाह की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। समीक्षा बैठक में एएसपी डाॅ. प्रवीण रंजन, परियोजना निदेशक डीआरडीए ज्ञानेश्वर तिवारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी नागेन्द्र मिश्र, बीएसए जयकरण यादव आदि उपस्थित रहे।