-सिर्फ बरसात में ही निकलते है एलर्जी फैलाने वाले ये कीड़े
-मेडिकल अस्पताल में बरसाती कीड़े से हुए एलर्जी के पहुंच रहे मरीज
-हर सप्ताह पांच मरीज त्वचा विभाग में पहुंच रहे हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। भले ही बरसात आने से एक तरफ गर्मी से राहत मिलती है। मगर बरसात आते ही तमाम बीमारियां पैर पसार रही है। ऐसे में अब कैटरपिलर कीड़ा लोगों में एलर्जी फैला रहा है। मेडिकल अस्पताल में रोजाना बरसाती कीड़े से हुई एलर्जी के हर सप्ताह पांच मरीज तक पहुंच रहे हैं।
बरसात के चलते कैटरपिलर कीड़े पनप रहे है। जो किसानों, आम लोगों को एलर्जी से ग्रसित कर रहे हैं। जंगलों में काम करने के दौरान लोगों के शरीर के संपर्क में ये कीड़ आ जाते हैं। कुछ कीड़े त्वचा पर अपना स्प्रे छोड़कर, कुछ त्वचा के संपर्क में आने और कुछ कीड़े अपना कैमिकल त्वचा पर डंक मारकर छोड़ते हैं। इससे व्यक्ति को तीन तरह की एलर्जी हो जाती है। इसके लक्षण 12 घंटे बाद आने शुरू होते हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि कैटरपिलर कीड़े की कई प्रकार की प्रजाति के है। एलर्जिक बीटल डर्मेटाइटिस कीड़े त्वचा पर चलने से, इरिटेंट डर्मेटाइटिस कीड़े के त्वचा पर बिना काटे केमिकल छोड़ने से और इंफेक्टिड डर्मेटाइटिस एलर्जी कीड़े के काटने से हो रही है। बरसात आने पर बरसाती कीड़ो के काटने की एलर्जी के मरीज बढ़ गए हैं।
बरसाती कीड़े के काटने से होने वाली एलर्जी के लक्षण
-व्यक्ति की त्वचा पर फफाेले पड़ जाते हैं
-लाल चकत्ते होना
-त्वचा में तेज दर्द होना
-सूजन आना
ऐसे करें बचाव-
-लोग पूरी आस्तीन के कपड़ें पहनें
-नीचे जमीन पर न सोएं
-कीड़े के काटने पर त्वचा को तुरंत ताजे पानी से धोएं
-एंटी बायोटिक या स्टेरॉयड दवा लगाएं
-तुरंत ही त्वचा रोग विशेषज्ञ के पास जाकर दवाई लें
बरसात होने के बाद कैटरपिलर कीड़े सक्रिय हो जाते हैं। इस समय इन कीड़ों के काटने के हर सप्ताह मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन कीड़ों का ज्यादा प्रकोप है। गांवों में रहने वाले कीड़ों से बचाव करें।....डॉ. राजीव रस्तोगी, त्वचा रोग विशेषज्ञ, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर