बिजनौर। पहली बार बिजनौर जनपद की जमीन में धान की नवीन प्रजाति पूसा बासमती-1847 की रोपाई हुई थी। गत शनिवार को इस पूसा बासमती धान की क्राॅप कटिंग हुई। परिणाम में इस प्रजाति ने करीब 32 क्विंटल प्रति हेक्टेयर का उत्पादन दिया। किसानों के लिए बंपर उत्पादन व लाभकारी प्रजाति रहेगी। इस बार नई प्रजाति पीबी- 1847 का किसानों को करीब 400 क्विंटल बीज दिया जाएगा।
महात्मा विदुर की धरती बिजनौर में इस बार धान की नई उन्नत प्रजाति पीबी 1847 रोपी गई। कृषि विभाग ने इस नवीन प्रजाति की पैदावार ट्रायल के तौर पर अफजलगढ़ के कादराबाद स्थित सरकारी फार्म में करीब 14 हेक्टेयर क्षेत्रफल में किया। यह धान की उन्नत प्रजाति का बीज रोग मुक्त बताया जा रहा है।
पैदावार और उत्पादन अच्छा देने वाली प्रजाति है। जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि टीम ने कादराबाद सरकारी फार्म पर जाकर उत्पादित इस नवीन धान की फसल की क्राॅप कटिंग कराई।
बताया कि इस बार मौसम धान की फसल के लिए ज्यादा अनुकूल नहीं रहा। समय पर बारिश कम हुई। इसके बाद इस नवीन प्रजाति पूसा बासमती 1847 प्रजाति का उत्पादन अच्छा रहा। जबकि सामान्य तौर पर बासमती की प्रजाति का उत्पादन 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रहता है। संवाद