गोविंद हत्याकांड
- गोविंद ने बहन को सौगंध देकर गन्ने के खेत में छिपने के लिए किया मजबूर
- आरोपी के कृषि फार्म से तीन और अवैध बंदूकें हुई बरामद
- कुछ दिन पहले भी मेढ़ को लेकर हुआ था विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। खेत की मेढ़ पर हुए विवाद में चली गोली ने युवक की जान ले ली। मगर, मरने से पहले गोविंद ने रक्षा के बंधन को निभा दिया। दरअसल, गोविंद ने संग में मौजूद बहन को सौंगध देकर गन्ने के खेत में छिपने के लिए मजबूर कर दिया। वरना गोली उसे भी लग सकती थी। उधर, इस विवाद में आरोपी भी घायल हुआ है।
गांव कुआंखेड़ा निवासी गुरदीप का अपने पड़ोसी किसान भूपेंद्र के संग मेढ़ पर खड़े पेड़़ों को लेकर विवाद चल रहा था। कुछ दिन पहले यह विवाद थाने पहुंचा था, जिस पर पुलिस ने मुचलका पाबंद की कार्रवाई कर दी थी। हालांकि पैमाइश करके यह नहीं देखा गया कि वास्तव में पेड़ किसके खेत की सीमा के अंदर है।
अब गुरदीप के पड़ोसी किसान भूपेंद्र रविवार को अपने खेत की ताड़बाड़ को सीधा करने लगा। मेढ़ की इस तारबंदी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ। इसी वक्त मौके पर गुरदीप का छोटा बेटा गोविंद और उसकी बेटी सुखविंदर मौजूद थी। सुखविंदर ने बताया कि विवाद बढ़ने पर गोली लगने की आशंका देखते हुए गोविंद ने उसे सौगंध देकर गन्ने के खेत में छिपा दिया।
गोली लगने से गोविंद पुत्र गुरदीप की मौके पर ही मौत हो गई। गोविंद का भाई अमरीक और पिता गुरदीप भी गोली लगने से घायल हो गए। गोली अमरीक के सीने को चीरते हुए आर पार निकल गई। मारपीट में मृतक की मां भी गंभीर रूप से घायल हुई है।
आरोपी के कृषि फार्म से बरामद हुई तीन बंदूक
गोली कांड के बाद ग्रामीणों में भी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने आरोपी के कृषि फार्म से तीन बंदूक बरामद की है। जिन पर जंग लगा हुआ था और काफी पुरानी प्रतीत हुई। लोगों का कहना था कि आरोपी भूपेंद्र दबंग प्रवृत्ति का है।
अभिनय में किस्मत आजमा चुका है आरोपी
बताया गया कि आरोपी भूपेंद्र के पास करीब सौ एकड़ जमीन है। वह पहले मुंबई में रहकर अभिनय में किस्मत आजमा चुका है। टिल्लू साबुन के विज्ञापन में उसे मौका मिला भी था, लेकिन खास कामयाबी नहीं मिलने पर वह अपने गांव लौट आया। भूपेंद्र के भाई की करीब पंद्रह साल पहले गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
बढ़ापुर क्षेत्र के गांव कुआंखेड़ा में दो पक्षों में हुए विवाद में युवक की मौत पर घटना स्थल पर ज