नींदडू। मदरसा इस्लामिया अरबिया हबीबिया में हदीस की बड़ी किताब बुखारी शरीफ की बाकायदा तालीम देने की शुरूआत की गई। नींदडू की तारीख में पहली बार बालिकाओं के मदरसे में हदीस शरीफ पढ़ाई जाएगी।
रविवार को बालिकाओं के मदरसा इस्लामिया अरबिया हबीबिया में पहली बार नबी की हदीसों पर आधारित मशहूर किताब बुखारी शरीफ का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आगाज कारी मोहम्मद शोएब के कुरआन पाक की तिलावत से हुआ। कारी मुबीन राही ने नात-ए-पाक पढ़ी। मौलाना मोहम्मद फैसल ने बालिकाओं और महिलाओं की मजलिस को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपने इल्म और अमल से मआशरे की इस्लाह के लिए कार्य करना चाहिए। मुफ्ती मुजम्मिल हुसैन ने हजरत इमाम बुखारी की जिंदगी के बारे में तफसील से गुफ्तगू की तथा किताब की पहली हदीस का सबक देकर बुखारी शरीफ का आगाज किया।
काजी नूर अहमद फारूकी ने उलमा को मुबारकबाद पेश की और मशवरों से नवाजा। मुफ्ती मोहम्मद कासिम ने सामूहिक दुआ कराई। इस मौके पर मुफ्ती सदाकत हुसैन, मौलाना अब्दुल अलीम, मौलाना मोहम्मद सिराज, कारी मोहम्मद तौसीफ, कासिम बिन असरार समेत कई उलमा मौजूद रहे।