बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश रामलाल ने चंचल हत्याकांड में मृतका के तहेरे जेठ जबर सिंह को आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में से 40 हजार रुपये पति लोकेंद्र सिंह को दिए जाएंगे।
शासकीय अधिवक्ता प्रमोद शर्मा के अनुसार थाना चांदपुर के गांव महमूदपुर निवासी लोकेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 21 जून 2018 को वह एवं उसकी पत्नी चंचल, भतीजा आकाश घर से करीब नौ बजे रात ट्यूबेल का पानी लगाने के लिए गए थे। रात में 11 बजे उसका तहेरा भाई जबर सिंह आया और लोकेंद्र पानी चलाने को लेकर गाली-गलौज की।
जबर सिंह खेत से उन्हें देख लेने की धमकी देकर चला गया। रात्रि साढ़े 11 बजे जब लोकेंद्र उसकी पत्नी चंचल, भतीजा आकाश खेत से गांव आ रहे थे। तब रास्ते में भोपाल के मकान के सामने जबर सिंह अपने हाथों में तमंचा लिए मिला उसने उन पर तमंचे से गोली चला दी जो चंचल को लगी। वह लहूलुहान होकर गिर पड़ी। मौके से जबर सिंह भाग गया। चंचल को सरकारी अस्पताल स्याऊ लाया गया। जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया।
वहां रात्रि डेढ़ बजे चंचल की गोली लगने के कारण मौत हो गई। हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए तमंचे को जबर सिंह की निशानदेही पर बरामद किया था। अदालत ने इस मामले में जबर सिंह को चंचल की हत्या करने एवं अवैध शस्त्र रखने का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।