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Bijnor News: बीते सत्र की हजारों पुस्तकों से भरा पड़ा है धामपुर का बीआरसी कक्ष

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ब्लॉक के 197 प्राथमिक कंपोजिट और जूनियर हाईस्कूल के बच्चों को निशुल्क होना था वितरण
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सतीश शर्मा
धामपुर। ब्लॉक संसाधन केंद्र का एक कक्ष बेसिक शिक्षा निदेशालय की ओर से पिछले सत्र में भेजी गई हजारों पुस्तकों से भरा पड़ा है। इन पुस्तकों को प्रदेश सरकार की ओर से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा एक से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए निशुल्क वितरित करने के लिए भेजा गया था। अधिकारियों का कहना है कि इन पुस्तकों में तहसील क्षेत्र के अन्य ब्लाॅकों की भी पुस्तकें शामिल है। इस बाबत बेसिक शिक्षा अधिकारी को अवगत कराया जा चुका है।
धामपुर ब्लॉक में पिछले साल 2.23 लाख पुस्तकों को मांग के सापेक्ष भेजा गया था। मगर, सभी बच्चों को निशुल्क वितरित करने के बाद काफी पुस्तकें बच गई। इसका मतलब यह निकाला जा रहा है कि पंजीकरण के दौरान बच्चों की संख्या अधिक दर्शाई गई थी। मगर, जब पुस्तक आई तो पंजीकृत बच्चों की संख्या कम रह गई। इस कारण अधिकांश पुस्तकों का वितरण नहीं हो सका। इसी तरह से तहसील क्षेत्र में अन्य ब्लाॅकों में पुस्तकें बच गईं थीं। जिन्हें यहां पर एक कक्ष में एकत्र किया गया है।
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गौरतलब है कि धामपुर ब्लॉक में 143 प्राथमिक, 19 कंपोजिट और करीब 35 जूनियर हाईस्कूल हैं। इन सभी विद्यालयों में कक्षा एक से लेकर आठवीं तक करीब 20 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। इन बच्चों को निशुल्क तौर पर सरकार की ओर से पाठ्य पुस्तक के उपलब्ध कराने के लिए 2.23 लाख पुस्तकों की मांग की गई थी ।
सरकार की ओर से पिछले सत्र में मांग के अनुरूप पुस्तकों को उपलब्ध कराया। मगर, पुस्तकों का वितरण नहीं हो सका है। हजारों की संख्या में पुस्तकें बीआरसी कार्यालय के कक्ष की धूल फांक रही हैं।



अब आगामी सत्र में होगा इन पुस्तकों का वितरण

बीआरसी के बाबू ने बताया कि पिछले साल वितरित करने के बाद करीब 38 हजार से अधिक पुस्तक शेष रह गई है, जिन्हें आने वाले सत्र में बांटा जाएगा। आगामी सत्र में पंजीकृत बच्चों के हिसाब से बीआरसी पर पहले से उपलब्ध पुस्तकों को घटकर पाठ्यक्रम की मांग की जाएगी।
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सरकार के आदेश का होगा पालन

यह पुस्तकें उनके कार्य काल से पहले की हैं। इन पुस्तकों के बारे में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट से अवगत करा दिया गया है। यदि पाठ्यक्रम बदलता है तो वह इसमें कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। जो सरकार का आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा। - एमएल त्रिवेदी, खंड शिक्षा अधिकारी
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