- जागरूकता बढ़ने पर करीब 35 प्रतिशत बढ़ा रक्तदान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विश्व रक्तदाता दिवस 14 जून को मनाया जा रहा है। लोगों में रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। इसके अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले दो दशकों में रक्तदान करने वालों की 35 प्रतिशत तक बढ़ी है। अब हर साल 5000 लोग रक्तदान कर रहे हैं। विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर आज अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मेडिकल अस्पताल में आज सुबह नौ बजे से रक्तदान शिविर लगेगा।
जिले में रक्तदान करने का चलन बढ़ गया है। लोग रक्तदान कर महादानी बन रहे हैं। रक्तदान करने का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं है। रक्तदान करके शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। आजकल लोग जन्मदिन, शादी की सालगिरह आदि उत्सवों पर रक्तदान कर रहे हैं। साल 2006 में 517 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। 2007 में 566, 2008 में 690, 2009 में 1366 लोगों ने रक्तदान किया। साल 2010 में 1469, 2011 में 2898, 2012 में 3685 लोगों ने रक्तदान किया। साल 2019 में रक्तदान करने वालो की संख्या बढ़कर 4638 हो गई। 2020 में 3517, 2021 में 4095, 2022 में 5597 लोगों ने रक्तदान किया था।
राजकुमार गुप्ता ने 52 बार किया रक्तदान
ब्लड बैंक के अधिकारियों के मुताबिक राजकुमार गुप्ता ने 52 बार रक्तदान किया है। इसके साथ ही टीकम सिंह सेंगर और शशि सेंगर ने 31-31 बार रक्तदान किया। चांदपुर निवासी वसीम अहमद ने 21 बार रक्तदान किया। वहीं डॉ. हरिश राजपूत अब तक 17 बार रक्तदान कर चुके हैं।
लोगों में रक्तदान को लेकर बढ़ी जागरूकता : डॉ. संजय शंकर
रक्त कोष अधिकारी डॉ. संजय कुमार शंकर ने बताया कि रक्तदान को लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ी है। दो दशक पहले एक हजार से भी कम लोग रक्तदान करते थे। मगर अब हर साल करीब पांच हजार लोग रक्तदान कर रहे हैं। रक्तदान करने के कोई दुष्परिणाम नहीं हैं।