बिजनौर। बिजनौर नगर पालिका सीट पर भाजपा उम्मीदवार इंदिरा बीरबल सिंह ने जीत हासिल की है। सपा उम्मीदवार और पूर्व विधायक की बेटी स्वाति वीरा महाजन को हार का मुंह देखना पड़ा। हालांकि सपा उम्मीदवार की हार की सबसे बड़ी वजह रालोद और निर्दलीय उम्मीदवार रहे।
शनिवार को हुई निकाय चुनाव की मतगणना में बिजनौर पालिका सीट से भाजपा उम्मीदवार इंदिरा बीरबल सिंह ने पहले ही चक्र में बढ़त बना ली थी। मतगणना खत्म होने तक भाजपा उम्मीदवार की बढ़त बरकरार बनी रही। हालांकि तीसरे राउंड में बढ़त में थोड़ी कमी जरुर आई थी।
आखिरकार भाजपा उम्मीदवार इंदिरा बीरबल सिंह ने 25190 मत हासिल किए जबकि सपा उम्मीदवार स्वाति वीरा महाजन को 20908 मत मिले। जिसके चलते भाजपा उम्मीदवार ने 4282 मतों से जीत हासिल कर ली। इनके अलावा निर्वतमान चेयरपर्सन और रालोद उम्मीदवार रुखसाना परवीन को 6894 मत मिले। इनके अलावा बसपा की उम्मीदवार ने 4247 मत हासिल किए। वहीं एआईआईएम की उम्मीदवार ने भी 1039 जबकि कांग्रेस को भी 995 मत मिले। वहीं निर्दलिय नरगिस 859, आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार ममता अग्रवाल को 213 मत मिले। वहीं अर्चना को 95, पवन 651, फरजाना 861, मंजूलता 53, शबाना परवीन 202, शहनाज बानो 60, शारिका वर्मा 523 ने मत हासिल किए।
107 ने किसी पर भी नहीं जताया भरोसा
बिजनौर नगर पालिका में 107 लोगों ने किसी पर भी भरोसा नहीं जताया। इन्होंने नोटा का इस्तेमाल किया। जिले के सभी 18 निकायों में नोटा इस्तेमाल करने वालों का यह सबसे अधिक आंकड़ा है।
रालोद और निर्दलियों ने बिगाड़ा सपा का गणित
भाजपा की जीत की राह आसान करने में सबसे अधिक योगदान रालोद और निर्दलीय उम्मीदवारों का रहा है। क्योंकि भाजपा उम्मीदवार ने 4282 मतों से जीत हासिल की है, उधर रालोद उम्मीदवार ने 6894 मत हासिल कर सपा का गणित ही बिगाड़ दिया। क्योंकि सपा ने पहले रुखसाना परवीन को टिकट दिया था लेकिन बाद में रुखसाना परवीन का टिकट काट दिया गया, जिसके बाद निर्वतमान चेयरपर्सन रुखसाना परवीन ने रालोद के टिकट पर किस्मत आजमाई।