-लेखा परीक्षा आडिट प्रयागराज ने मांगने के बावजूद प्रमाण न देने पर वित्तीय अनियमितता बताई
-परिषदीय स्कूल, कार्यालयों ने 2016-17 से वर्ष 2022-23 तक के काफी धनराशि के नहीं दिए बिल वाउचर्स
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। परिषदीय विद्यालयों व कार्यालयों में करीब 100 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च कर ली। मगर, उस धनराशि के उपभोग प्रमाण पत्र, बिल वाउचर्स ऑडिट टीम प्रयागराज को उपलब्ध नहीं कराए। बार बार मांगने व सहयोग नहीं करने पर ऑडिट टीम ने वित्तीय अनियमितता यानी करोड़ों के गड़बड़ झाला बताते हुए मुख्यालय को भेजी। लेखा पर्यवेक्षक प्रयागराज ने आपत्ति लगाते हुए बीएसए से रिपोर्ट मांगी।
जनपद में 2120 परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट स्कूलों में विभिन्न मदों में व्यय के लिए धनराशि आती है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत भी स्कूलों में कई योजनाएं चला रखी हैं। स्कूलों में छात्रों की संख्या के आधार पर साफ सफाई, रंगाई पुताई, सामान खरीदने आदि के लिए कंपोजिट ग्रांट जाती है। स्कूलों के खातों में करोड़ रुपये आते हैं।
इसके अलावा छात्रों को निशुल्क पुस्तकों के साथ बैग, यूनिफार्म, जूते मौजे दिए जाते हैं। इस धनराशि का प्रतिवर्ष आडिट किया जाता है। जिले के 14 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में करीब दो हजार आठ सौ छात्राओें को आवासीय शिक्षा दी जा रही है।
छह वर्षों से हो रही खानापूर्ति
जनपद में लगभग छह वर्षों से आडिट कराने के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। स्कूल, कार्यालय, योजनाओं के लिए खर्च धनराशि का बिल वाउचर्स ऑडिटरों को नहीं दे रहे हैं। लेखा परीक्षा ऑडिट प्रयागराज ने बीएसए को नोटिस जारी कर खर्च का ब्योरा देने के लिए चेताया है।
कंपोजिट धनराशि स्कूलों में गई
बीएसए कार्यालय के अनुसार जिले के 2120 विद्यालयों में वर्ष 219-20 में सात करोड़ 18 लाख, वर्ष 20-21 में सात करोड़ 12 लाख, वर्ष 21-22 में छह करोड़ 64 लाख, वर्ष 2022-23 में छह करोड़ 95 लाख रुपये जारी किए। काफी स्कूलों ने विभाग को हिसाब किताब नहीं दिया। ऑडिटर ने कई बार अफसरों से कागजात तथा खर्च का ब्योरा मांगा, लेकिन अफसरों ने हिसाब किताब नहीं दिया।
लेखा पर्यवेक्षक आडिट प्रयागराज से नोटिस आया है। सभी खंड शिक्षा अधिकारी, कार्यालय के संबंधित अफसर व कर्मचारियों से उपभोग पत्र मांगे गए। साथ ही परियोजना से भी मार्ग दर्शन मांगा जा रहा है। - योगेश कुमार, बीएसए