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Bijnor News: रामनगर की तर्ज पर विकसित होगा बिजनौर का अमानगढ़

Wed, 23 Aug 2023 12:20 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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अमानगढ़ के जंगल में घूमता बाघ।
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बिजनौर। यूपी कैबिनेट में फैसले पर मुहर लगी तो अमानगढ़ में पर्यटन को पंख लगने की उम्मीद भी मजबूत हो गई। अब तक अमानगढ़ में जाने वाले पर्यटकों को दिन में ही लौटना पड़ता था, लेकिन जल्द ही कार्बेट पार्क से पास रामनगर की तर्ज पर यहां पर भी रिसॉर्ट, कैफेटेरिया आदि दिखाई देंगे। पर्यटक अमानगढ़ में जाने से पहले और बाद में यहां पर आराम कर सकेंगे। कैबिनेट में मंगलवार को पर्यटन विभाग को अमानगढ़ से सटे गांव फतेहपुर धारा में करीब छह हेक्टेयर जमीन निशुल्क हस्तांतरित करने को मंजूरी मिल गई।
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शिवालिक पहाड़ियों की तलहटी में बसे बिजनौर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इनमें अमानगढ़ में सबसे अधिक संभावनाएं हैं। जिम कार्बेट पार्क से सटी इस अमानगढ़ रेंज में पर्यटन के लिहाज से घना जंगल, नदियां और वन्य जीवों की भरमार है। पिछले पर्यटन सीजन में हजारों की संख्या में पर्यटक यहां पहुंचे, लेकिन अधिकांश पर्यटकों को शाम के समय लौटना पड़ता था। क्योंकि वहां रुकने की कोई व्यवस्था नहीं थी। जिला प्रशासन ने पिछले दिनों अमानगढ़ से सटे गांव फतेहपुर धारा में करीब छह हेक्टेयर जमीन पर्यटन विभाग के लिए चिह्नित की थी। मंगलवार को कैबिनेट में पर्यटन विभाग को यह जमीन निशुल्क हस्तांतरित करने के फैसले पर मुहर लग गई।

फैसले से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा : डीएम
डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि इस फैसले के बाद यहां पर पर्यटन विभाग के जरिए बड़े ग्रुप आमंत्रित किए जाएंगे। इस जमीन पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए रिसॉर्ट, कैफेटेरिया जैसे निर्माण हो सकेंगे। इससे पर्यटक अमानगढ़ में घूमने और जंगल के पास रहने का अनुभव कर सकेंगे। यह फैसला जिले को पर्यटन के मानचित्र पर अलग पहचान देगा और जिले के लोगों के लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।
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बरसात के बाद खुलेंगे अमानगढ़ के गेट
अभी अमानगढ़ के अंदर वन विभाग ने पर्यटकों के घूमने के लिए 30 किलोमीटर का ट्रैक निर्धारित किया है। कुछ नए रास्तों पर भी वन विभाग विचार कर रहा है। यदि फीस की बात करें तो फिलहाल एक जिप्सी में पांच लोगों को जाने की अनुमति है और पर्यटकों को इसके लिए 2280 रुपये का शुल्क देना होता है। इसमें प्रति पर्यटक 200 रुपये, एक गाइड के लिए 400 रुपये शुल्क देना पड़ रहा है। प्रतिदिन 50 से ज्यादा पर्यटन अमानगढ़ में घूम रहे हैं। बरसात के बाद फिर से अमानगढ़ में पर्यटन शुरू हो जाएगा।

9500 हेक्टेयर में फैला है अमानगढ़ टाइगर रिजर्व


अमानगढ़ का रकबा 9500 हेक्टेयर में है। उत्तराखंड बनने से पहले यह जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का ही हिस्सा था। आज भी इसे कार्बेट पार्क के बफर के तौर पर जाना जाता था। इसे पहले ही टाइगर रिजर्व का दर्जा मिल चुका है। यहां बाघ, गुलदार, हाथी, चीतल आदि बहुत संख्या में हैं। अमानगढ़ के पास ही पीली बांध है, जहां पर सर्दियों में हजारों प्रवासी पक्षियों का बसेरा रहता है, जो खुद में एक बेहतरीन पर्यटक स्थल है।



27 से ज्यादा बाघ और सौ से ज्यादा हाथी

अमानगढ़ वन रेंज में हर वो वन्य जीव मौजूद हैं, जिसे देखने लोग हजारों रुपये खर्च कर कार्बेट पार्क जाते हैं। वहां पर 27 बाघ और सौ से ज्यादा हाथी हैं। इसके अलावा भालू, गुलदार, पैंगोलिन, अजगर जैसे जीव भी दिखाई देते हैं। यहां पर चीतल, हिरण के दर्जनों की संख्या में झुंड दिखाई पड़ते हैं।
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अमानगढ़ में वन्यजीवों की स्थिति

वन्य जीव संख्या

बाघ 27

हाथी 90

गुलदार 45

चिकारा 06

काला हिरन 50

सांभर 226

बारहसिंगा 37

भालू 9

मोर 1074

(नोट: आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं।)
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