बताया कि उस समय उनकी पत्नी रसोई में कुछ काम कर रही थीं। उन्हें आंगन में बाल्टी गिरने की आवाज आई। उन्होंने सोचा कि शायद बंदरों का झुंड उत्पात मचा रहा होगा। वह दरवाजा खोलकर बाहर आई तो आंगन में एक बाघ खड़ा था। उसे देखकर वह भयभीत हो गई और फिर से दरवाजा बंद कर लिया।
मोहल्ले वालो ने शोरगुल किया तब जाकर वह बाघ सूखासोत में जंगल की ओर चला गया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। नागरिकों ने वन विभाग से आबादी क्षेत्र में गश्ती दलों की गश्त बढ़ाने की मांग की है।
उधर, कालागढ़ के वनक्षेत्राधिकारी राकेश कुमार भट्ट का कहना है कि हिंसक जीवों से दूरी बनाएं। दिखाई देते ही विभाग को सूचना दें। केन्द्रीय कालोनी में गश्ती दलों को सतर्क कर दिया गया है। गश्त तेज करने के निर्देश गश्ती दलों को दिए हैं।