बिजनौर के धामपुर में राजस्व विभाग के अधिकारियों में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया। जब अधिकारियों ने दस लाख रुपए के बाकीदार को पकड़ गाड़ी में बैठा लिया और उसे तहसील लाने आ प्रयास करने लगे। बताया गया कि इस दौरान आरोपी बाकीदार ने तबियत खराब होने का बहाना बना गाड़ी में फैल गया। अधिकारियों ने ऐसे में बकाएदार को सीएचसी में भर्ती कराया। डाक्टरों की टीम ने चैकअप किया। चैकअप करने के बाद जब सब कुछ सही पाया गया तो अधिकारियों ने राहत की सांस ली। बाद में लिखापढ़ी करने के बाद बकाएदार को उसके परिजनों को सौप दिया।
नायब तहसीलदार परमानंद श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार के आदेश पर बकाएदार से बकाया वसूलने को सख्ती से अभियान चल रहा है। मंगलवार को राजस्व अधिकारियों ने संग्रह अमीनों की मदद से चार बाकीदारों को बकाया जमा न करने के आरोप में गिरफ्तार किया। इन आरोपियों में से क्षेत्र के गांव इब्राहमिपुर नारायण निवासी कविराज सिंह पुत्र कन्हैया सिंह ने करीब तीन साल पहले एचडीएफसी बैंक किसान क्रेडिट कार्ड से 7.90 लाख रुपए का लोन लिया था।
लोन लेने के बाद जब कविराज सिंह ने जमा नहीं किया तो वह रकम ब्याज, चक्रवृद्वि ब्याज लगने पर 10,50,519 रुपए हो गया। बैंक ने बकाया वसूूलने को बकाएदार की मार्च 2022 में आरसी काट तहसील के भेजी दी। बताया गया कि जब वह संबंधित बकाएदार को गांव से पकड़ कर गाड़ी से तहसील लेकर आ रहे थे तो उसने गाड़ी में हाथ पैर फैला दिए और तबियत खराब होने का बहाना बना बचाव का प्रयास किया।
ऐसे में विभाग के अधिकारियों ने उसे तहसील लाने के स्थान पर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर डाक्टरों ने चैकअप करने के उसे सही पाया। बाद में संबंधित बकाएदार को उसके परिजनों को सौप दिया। नायब तहसीलदार ने बताया कि अब विभाग की ओर से बकाएदार कविराज के गारंटर बने गांव के ही नौभहार सिंह पर बकाया जमा करने का दबाव बनाया जाएगा।
बकौल इसके अलावा मंगलवार को गांव सददोबैर निवासी बलराज , मदन सिंह को भी गिरफ्तार किया। इनमें से बलराज पर ओबीसी के डेढ़ लाख रुपये और मदन पर दो लाख 84 रुपए का लोन है। सरकथल सानी के गिरधारी पर एसबीआई को एक लाख साठ हजार का लोन है। तीनों को गिरफ्तार कर लोन जमा कराने का प्रयास किया जा रहा है।