अगस्त माह में बिजनौर में 13 एमएम हुई बारिश
बिजनौर। मौसम की बेरुखी के कारण जनपद में बारिश की मात्रा कम रही है। बारिश कम होने और तापमान बढ़ने, घटने से गन्ना, धान, दलहन फसल को कीट रोगा का खतरा मंडरा रहा है। गन्ना एवं कृषि विभाग की ओर से फसलों को लगने वाली बीमारियों का आंकलन कराया जा रहा है।
किसान विजयपाल सिंह, धर्मवीर सिंह धनकड़ का कहना है कि बारिश कम होने से गन्ना फसल में कोका बोईंग व धान को तना भेदक बीमारी अपनी चपेट में ले रही है। इस समय अच्छी बारिश की बहुत जरूरत है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा का कहना है कि इस बार जनपद में बारिश कम होने से मौसम ही नहीं फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। तापमान घटने व बढ़ने तथा नमी ज्यादा होने धान, दलहन की फसलों पर कीटों का असर दिखाई देने लगा है। धान की फसल में तना छेदक, पत्ता लपेट रोग, जींक की कमी होने से बीमारी आ रही हैं। किसानों को बीमारी की रोकथाम को उपाय बताए जा रहे हैं। नगीना कृषि शोध केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. कृष्ण कुमार का कहना है कि बारिश कम होने से धान का रकबा कम हुआ है। बारिश नहीं होने से फसल उत्पादन पर असर दिखाई देगा और बीमारी का खतरा रहता है। ऐसे में किसान फसल वाले खेतों में नमी बनाएं रखें। जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह का कहना है कि बारिश कम होने से गन्ना फसल पर कोका बोईंग बीमारी लगने लगी है। किसान इस बीमारी के लिए पहले से ही कीटनाशक का प्रयोग कर रहा है। फिर भी किसानों को बीमारी की रोकथाम के लिए जागरूक किया जा रहा है।
अगस्त माह में हुई बारिश के आंकड़े
तहसील - बारिश
बिजनौर - 13 एमएम
नजीबाबाद - 26 एमएम
नगीना - 53 एमएम
धामपुर - 179 एमएम
चांदपुर - 104 एमएम
(बारिश के आंकड़े कृषि विभाग से लिए हुए हैं।)