मंडावर थाना क्षेत्र में स्थित कालका देवी मंदिर पर रात में 11:00 बजे कटान होने की वजह से मंदिर परिसर में एक महंत की समाधि गंगा में समा गई। गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव से हो रहे कटान के चलते क्षेत्र के लोग भी फिर से चिंता में डूब गए हैं। पिछले दिनों मंदिर परिसर के आसपास कटान रोकने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी थी लेकिन तमाम प्रयास नाकाफी साबित हुए।
इस मंदिर परिसर कि यज्ञशाला कुछ दिन पहले ही गंगा में समा चुकी है। जिसके बाद महाभारत कालीन इस मंदिर का अस्तित्व बचाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से पत्थर लगवाए गए थे। पत्थर से बनाए गए स्टड भी अब गंगा में बह चुके हैं।
पिछले दिनों ही इस मंदिर पर कटान रोकने के लिए प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने श्रमदान किया था उस वक्त प्रभारी मंत्री समेत तमाम भाजपा नेताओं को क्षेत्र के लोगों का विरोध भी झेलना पड़ा था। उस वक्त लोगों ने कटान रोकने के लिए किए जा रहे प्रयास को ड्रामा करार दे दिया था।