नगीना सांसद चंद्रशेखर ने सरकारी स्कूलों के विलय और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टिप्पणी की। सांसद ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में करीब 94 हजार सरकारी स्कूल कम हुए हैं।
सांसद ने चिंता जताई कि एक ओर सरकार शराब की बिक्री के लिए मॉडल शॉप खोल रही है। वहीं दूसरी ओर सरकारी स्कूलों को कंपोजिट विद्यालय बनाकर उनका विलय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के बंद होने और विलय का सबसे अधिक खामियाजा गरीब परिवारों के बच्चों और बेटियों को भुगतना पड़ रहा है। स्कूलों को समेटने से करोड़ों बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। भविष्य को अज्ञानता और गरीबी के अंधकार में धकेला जा रहा है।
चंद्रशेखर ने शराब की बिक्री के लिए मॉडल शॉप खोलने और बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूलों का विलय किए जाने को विडंबना बताया। उन्होंने सरकार की इन नीतियों पर सवाल उठाए।
सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि सरकारी स्कूलों को बंद या विलय करने के बजाय उन्हें मजबूत किया जाए। प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए। पर्याप्त शिक्षक और घर के नजदीक स्कूल उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। शिक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए और बच्चों का भविष्य प्राथमिकता में रहना चाहिए।